जमशेदपुर : मानगो नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार समेत अन्य विकास योजनाओं के काम में गति प्रदान करने की मांग को लेकर जनता दल यूनाइटेड के लोगों ने धरना दिया. मानगो नगर निगम के कार्यालय के समक्ष यह धरना दिया गया, जिसका नेतृत्व विधायक सरयू राय ने किया. इस दौरान वहां सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता और आम नेता मौजूद थे. भाजपा और आजसू के नेताओं ने भी इसमें समर्थन दिया. इस दौरान मानगो नगर निगम प्रशासन का विरोध किया और नारेबाजी की. इस दौरान सुरक्षा के भारी बंदोबस्त किये गये थे ताकि किसी तरह का टकराव की स्थिति उत्पन्न नहीं हो. इस दौरान सारे लोगों ने नारेबाजी की. इस मौके पर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने दो टूक कहा है कि मानगो नगर निगम को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरह चलाया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि जो अफसर 2029 में किसी ‘खास’ को चुनाव जिताने के लिहाज से काम कर रहे हैं, वो अपनी कार्यशैली में सुधार कर लें. जनता दल यूनाइटेड की तरफ से आयोजित और भाजपा, लोजपा, आजसू द्वारा समर्थित ‘मानगो नगर निगम की विकास विरोधी नीतियों और तानाशाही’ के खिलाफ आयोजित धरने को संबोधित करते हुए सरयू राय ने कहा कि नगर निगम को नगर निगम के हिसाब से ही चलना चाहिए. जनता के कार्य करने चाहिए. ऐसा लग रहा है कि मानगो नगर निगम पांच-छह लोगों द्वारा किसी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरह चलाया जा रहा है. सरयू राय ने कहा कि नगर निगम के अधिकारियों की कार्यशैली ठीक नहीं है. (नीचे भी पढ़ें)

पता चला है कि ये किसी खास आदमी को 2029 का विधानसभा चुनाव जिताने हेतु कार्य कर रहे हैं। इन अफसरों ने निगम का माहौल खराब कर रखा है. सरयू राय इस बात को लेकर बिफरे कि 38 योजनाओं का शिलान्यास हो गया लेकिन नगर निगम ने इन योजनाओं को लागू करने से हाथ खड़ा कर दिया. कारण क्या है इसका? जिन 38 योजनाओं का शिलान्यास हो चुका है, उन्हें धरातल पर उतारने में नगर निगम को क्या परेशानी आ गई? रविवार के हुए एक प्रेस कांफ्रेंस को लेकर श्री राय ने कहा कि बीते रविवार को एक प्रेस कांफ्रेंस किया गया. प्रेस कांफ्रेंस करने वाला नगर निगम से जुड़ा नहीं, उसका कर्मचारी नहीं है. सवाल यह उठता है कि जिन दस्तावेजों को प्रेस कांफ्रेंस में दिखाया गया, वो प्रेस कांफ्रेंस करने वाले को दिये किसने? यह तो गोपनीयता का प्रसंग है. इस पर मुकदमा भी हो सकता है. इसका जवाब देना ही होगा. सरयू राय ने कहा कि नगर निगम में एक अलग ही खेल चल रहा है. कार्य कराने के लिए सरकार से जो ग्रांट मिलता है, टैक्सपेयर का जो पैसा है, वह योजनाओं में लगाओ और जम कर कमीशन खाओ, बेशक योजनाएं पूरी न हों. (नीचे भी पढ़ें)

जनता के हित की बात कह कर नालों की सफाई की बात की गई, लेकिन नाले महज 10 प्रतिशत ही साफ हुए. 90 प्रतिशत नाले तो साफ हुए ही नहीं. लेकिन धन पूरा का पूरा ले लिया गया. यही खेल नगर निगम में धड़ल्ले से चल रहा है. श्री राय ने कहा कि वह नगर विकास मंत्री से भी कह चुके हैं कि मानगो नगर निगम के कार्यों को दो भागों में बांटना चाहिए. पहले भाग में जनसुविधा से जुड़ी चीजों को रखा जाए, दूसरे भाग में विकास को रखा जाए. कार्यों को दो भागों में बांटने से हर काम सही होगा. लेकिन, अभी तक इस पर कोई चर्चा तक नहीं हुई. श्री राय ने कहा कि नगर निगम में जिस तरीके से काम हो रहे हैं, उससे पार्षदों में ही नाराजगी है. पार्षदों ने अलग गुट बना लिया है. ये वो पार्षद हैं, जो नाराज हैं, असंतुष्ट हैं, जो कार्यप्रणाली से खुश नहीं हैं. अगर कोई चाहे तो बहुत आसानी से इन पार्षदों के माध्यम से मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर उन्हें पद से हटा सकता है लेकिन वो ऐसा नहीं चाहते हैं. सरयू राय ने कहा कि 3 से 4 महीनों में ही मेयर की कार्यशैली और नगर निगम की हकीकत सामने आ गई है. ठेकेदार गलती करते हैं और अपनी गलती को छुपाने के लिए निगम के अफसरों को पैसा देते हैं. यह तो खुद में भ्रष्टाचार है. उन्होंने ठेकेदारों से कहा कि वह ऐसा न करें. इससे वो लंबी दिक्कत में कभी फंस जाएंगे. ठेकेदार मनमानी के चक्कर में तो हरगिज न पड़ें. (नीचे भी पढ़ें)
श्री राय ने कहा कि अपर नगर आयुक्त उनकी चिट्ठियों का जवाब नहीं देते जबकि नियमानुसार उन्हें जवाब देना होगा. अगर वो विधायक या सांसद की चिट्ठियों का जवाब नहीं देंगे तो विधायी प्रक्रिया में उन्हें दंडित करने का प्रावधान है. उन्होंने कहा कि अब तक जो हुआ, सो हुआ. आज से ठीक से काम करे नगर निगम तो सारा कुछ ठीक हो जाएगा. इसके पूर्व भाजपा नेता अभिनव सिंह ने कहा कि मेयर साहिबा को समझना चाहिए कि उनके पार्षद भी उनसे खुश नहीं हैं. उनके इलाकों में काम नहीं हो रहा है. आप मेयर हैं. काम नहीं समझ में आ रहा हो तो आप इस्तीफा दे दें. आजसू के जिलाध्यक्ष कन्हैया सिंह ने कहा कि यह विडंबना है कि ये जब से मेयर चुनी गईं हैं, तब से विकास कार्य बंद हो गए. नगर निगम तो अब विधायक फंड भी रोक रहा है. यह सब अब नहीं चलेगा. मेयर प्रत्याशी रहीं संध्या सिंह ने कहा कि सुधा गुप्ता मानगो की नहीं हैं. उन्हें मानगो की गलियों के बारे में पता नहीं है इसलिए, उन्हें जो दिखाया-समझाया जाता है, वो उसके हिसाब से चलती हैं. संध्या सिंह ने जानना चाहा कि उनके पति नीरज सिंह जब पानी हेतु टैंकर सेवा कर रहे थे तो उसे क्यों रोका गया? (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने कहा कि टैंकर रोक कर आप जनता के दिलों से न तो नीरज सिंह को निकाल पाएंगी और न ही संध्या सिंह को. धरना को रवींद्र सिंह सिसौदिया, पवन सिंह, अमृता मिश्रा, उषा यादव, शिरीन अख्तर, ममता सिंह, आफताब अहमद सिद्दिकी, सतीश सिंह, कुलविंदर सिंह पन्नू, लालू गौड़, प्रवीण सिंह, अजय कुमार, विकास साहनी ने संबोधित किया. इस मौके पर आशुतोष राय, मुकुल मिश्रा, अशोक चौहान, विजय सिंह, संजीव सिंह, आकाश शाह, उमाशंकर सिंह, अंजली सिंह, नीरज सिंह, अमित शर्मा, राजेश सिंह, दीपक, अनंत पांडेय, जीतेंद्र साव, मंजू सिंह, मुन्ना सिंह, राकेश लोधी, लक्ष्मी सरकार, अमरेंद्र पासवान, संजीव मुखर्जी, सत्येंद्र जी, केके महतो, निसार अहमद, किरण सिंह, संजय सिंह, अशोक कुमार, दीपू उर्फ उपेंद्र सिंह, सतीश सिंह, जीतू सिंह परमार, राजू प्रजापति, तारक मुखर्जी, मनोज सिंह, बबुआ सिंह, शेषनाथ पाठक, हेमंत पाठक, सोनू सिंह, करण सिंह, राजेश पांडेय, जीतेंद्र सिंह आदि उपस्थित थे.







