जमशेदपुर : जमशेदपुर के प्रचारक हरविंदर सिंह जमशेदपुरी ने सरजमदा गुरुद्वारा साहिब में आनन्दपुर का क़िला से लेकर चमकौर की गढ़ी, माता गूजरी, छोटे साहिबज़ादों के ठंडे बुर्ज तक का ऐतिहासिक सफ़र संगत को सुनाया, जिसे सुनकर संगत भावुक हो उठी. (नीचे भी पढ़ें)

हरविंदर सिंह ने कहा की गुरु गोविंद सिंह जी ने अपने साहिबज़ादे हमारे लिए क़ुर्बान कर दिये, पर आज हम गुरु पर क़ुर्बान नहीं हो रहे. प्रचारक ने कहा कि गुरु जी ने अपने साहिबज़ादों को हमारे में देखा था पर हम बहुत खुदगर्ज हैं जो अपने गुरु साहिब के फ़रमान को मान नहीं रहे.(नीचे भी पढ़ें)

उन्होंने संगत से अपील की कि वो अपने बच्चों को सिखी सिद्धांतों से अवगत करायें ताकि आनेवाली पीढ़ी गुरु साहब के इतिहास को सदा जीवित रख सके. सरजमदा गुरुद्वारा साहिब में बच्चों ने साहिबज़ादों की शहादत को समर्पित कविता भी पढ़ी जिसके बाद कमेटी के मुख्य सेवादार सरदार रवींद्र सिंह एवं कमेटी मेंबरों ने दोबारा बच्चों की हौसला अफजाई करते हुए उन्हें सन्मानित किया. (नीचे भी पढ़ें)

इस समागम में सरजमदा गुरुद्वारा के प्रधान रविंदर सिंह, जितेंद्र सिंह, पुपिंद्र सिंह, सतबीर सिंह, बलबीर सिंह, सविंदर सिंह, अमरीक सिंह, स्त्री सत्संग सभा की प्रधान जसबीर कौर, रणजीत कौर, जसपाल कौर, गुरमीत कौर, अमरजीत कौर, गोलपहाड़ी गुरुद्वारा के प्रधान लखविन्दर सिंह इंरजीत सिंह, परसुडीह गुरुद्वारा के प्रधान रणजीत सिंह, सुंदरनगर गुरुद्वारा के रवींद्र सिंह आदि कई सदस्य मौजूद थे.













