जमशेदपुर: जमशेदपुर के मानगो डिमना चौक स्थित एमजीएम अस्पताल में मंगलवार शाम एक बड़ा हादसा टल गया, जब मेडिसिन विभाग के चौथे तल्ले में भर्ती एक मरीज अचानक वार्ड से निकलकर खिड़की की ओर भागने लगा. घटना इतनी तेजी से हुई कि कुछ ही पलों में मरीज खिड़की पर चढ़ने की कोशिश करने लगा, जिससे वार्ड में मौजूद अन्य मरीजों और परिजनों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया. मरीज के साथ आए दो अटेंडर स्थिति को देखकर घबरा गए और मदद के लिए जोर-जोर से आवाज लगाने लगे. उनकी आवाज सुनते ही वार्ड में तैनात नर्सों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत होमगार्ड के जवानों को सूचना दी. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जवान बिना देर किए मौके पर पहुंचे और सूझबूझ का परिचय देते हुए मरीज को सुरक्षित तरीके से पकड़कर वापस उसके बेड पर लिटा दिया. इस त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी अनहोनी टल गई. (नीचे भी पढ़ें)

प्राप्त जानकारी के अनुसार, उक्त मरीज मुसाबनी क्षेत्र का निवासी है. वह शारीरिक रूप से काफी कमजोर बताया जा रहा है और उसकी मानसिक स्थिति भी अस्थिर प्रतीत हो रही थी. काफी समझाने-बुझाने के बाद उसे शांत कराया गया और चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया. गौरतलब है कि महज पांच दिन पहले इसी मेडिसिन विभाग से एक अन्य मरीज ने खिड़की से कूदकर आत्महत्या कर ली थी. इससे पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसके कारण अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं. लगातार हो रही घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल प्रबंधन अब सतर्क हो गया है. सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए अस्पताल की खिड़कियों में इंटरलॉक सिस्टम लगाने का निर्णय लिया गया है. अब तक लगभग 50 खिड़कियों में यह व्यवस्था लागू की जा चुकी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके. इसके बावजूद बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि क्या ये कदम पर्याप्त हैं, या फिर किसी और बड़े हादसे के बाद ही व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त होगी.



