जमशेदपुर: जमशेदपुर के मानगो डिमना चौक स्थित एमजीएम अस्पताल में उपचार व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. बुधवार को प्रिंसिपल डॉ. दिवाकर हांसदा की अध्यक्षता में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में सभी विभागाध्यक्ष मौजूद रहे. बैठक में अस्पताल की छवि सुधारने, गंभीर मरीजों को समुचित इलाज उपलब्ध कराने और विभिन्न सुविधाओं के विस्तार पर विस्तृत चर्चा हुई. प्रिंसिपल ने कहा कि एमजीएम में चिकित्सकीय सेवाओं की अपार संभावनाएं हैं. यदि सभी डॉक्टर एकजुट होकर कार्य करें, तो यहां जटिल से जटिल सर्जरी भी सफलतापूर्वक की जा सकती है. उन्होंने कहा कि गंभीर मरीजों की जान बचाना ही अस्पताल की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सभी चिकित्सकों में सेवा की भावना होना आवश्यक है. (नीचे भी पढ़ें)
बैठक में निर्णय लिया गया कि अब एमजीएम के सभी प्रमुख विभागों में आइसीयू की सुविधा विकसित की जाएगी. वर्तमान में कुछ विभागों में आइसीयू की शुरुआत हो चुकी है, जबकि मेडिसिन विभाग में इसे जल्द शुरू करने का लक्ष्य है. फिलहाल वेंटिलेटर का उपयोग ऑक्सीजन प्लांट के पूरी तरह स्थापित होने के बाद ही संभव होगा, तब तक आइसीयू का संचालन सी-पैप और बी-पैप मशीनों के माध्यम से किया जाएगा. डॉ. हांसदा ने बताया कि शिशु रोग, बर्न यूनिट, मेडिसिन, महिला एवं प्रसूति रोग तथा सर्जरी विभाग में कुल 120 बेड का आइसीयू विकसित किया जाएगा. इससे गंभीर मरीजों को बाहर रेफर करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें एमजीएम में ही बेहतर इलाज उपलब्ध हो सकेगा. उन्होंने कहा कि सभी आइसीयू को जल्द सुचारू रूप से चालू करने के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीदारी की प्रक्रिया जारी है. (नीचे भी पढ़ें)
इसके साथ ही इस माह के अंतिम सप्ताह तक सेंट्रल पैथोलॉजी लैब शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे जांच सुविधाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी. प्रबंधन को उम्मीद है कि इन बदलावों के बाद एमजीएम की चिकित्सा व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा और मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी.




