जमशेदपुर : जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में मरीजों के इलाज में कथित लापरवाही के आरोपों को अस्पताल प्रबंधन ने गंभीरता से लिया है. शुक्रवार को इलाज के दौरान दो मरीजों की मौत के बाद परिजनों द्वारा चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किए जाने के मामले में शनिवार को अस्पताल प्रबंधन ने जांच की. जांच के बाद सर्जरी और शिशु रोग विभाग के कुल आठ चिकित्सकों को शोकाज नोटिस जारी किया गया है. पहला मामला एदेलबेड़ा निवासी सुखराम टुडू की मौत से जुड़ा है. शुक्रवार शाम करीब पांच बजे इमरजेंसी में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी. परिजनों ने आरोप लगाया था कि इलाज में लापरवाही बरती गई. मरीज सर्जरी विभाग के अंतर्गत भर्ती था. घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल अधीक्षक डॉ. बलराम झा से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई थी. (नीचे भी पढ़ें)
मामले को गंभीरता से लेते हुए शनिवार को एमजीएम प्रिंसिपल डॉ. संजय कुमार और अधीक्षक डॉ. बलराम झा के नेतृत्व में जांच की गई. जांच के दौरान संबंधित चिकित्सकों से मरीज के इलाज और मौत से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी ली गई। चिकित्सकों की ओर से बताया गया कि मरीज को सांस संबंधी परेशानी थी और उसका पर्चा गलती से सर्जरी विभाग में बना दिया गया था. अस्पताल प्रबंधन ने चिकित्सकों के इस स्पष्टीकरण को पर्याप्त नहीं माना और सर्जरी विभाग से जुड़े छह चिकित्सकों को शोकाज नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. इनमें सीनियर रेजीडेंट और पीजी चिकित्सक शामिल हैं. प्रबंधन ने इसे गंभीर मामला मानते हुए चिकित्सकों को भविष्य में ऐसी स्थिति नहीं दोहराने की चेतावनी दी है. (नीचे भी पढ़ें)
संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो होगी कार्रवाई : एमजीएम प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि शोकाज नोटिस का जवाब मिलने के बाद मामले की समीक्षा की जाएगी। यदि चिकित्सकों का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो उनके खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. प्रबंधन ने कहा है कि मरीजों के इलाज में किसी भी स्तर की लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा. (नीचे भी पढ़ें)
शिशु रोग विभाग के दो डॉक्टर भी मिले गैर हाजिर : दूसरा मामला शिशु रोग विभाग का है. शुक्रवार को यहां भी एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया था. शिकायत मिलने के बाद शनिवार को विभाग की जांच की गई. इस दौरान दो चिकित्सक ड्यूटी से गैरहाजिर पाए गए. अस्पताल प्रबंधन ने दोनों चिकित्सकों को भी शोकाज नोटिस जारी कर दिया है. उनसे ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के कारण और मरीज से जुड़े मामले में उनकी भूमिका को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है. अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, दोनों चिकित्सकों के जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा. एक ही दिन दो अलग-अलग मामलों में आठ चिकित्सकों को शोकाज जारी किए जाने से एमजीएम अस्पताल में चिकित्सकीय व्यवस्था और ड्यूटी में लापरवाही को लेकर प्रबंधन की सख्ती साफ नजर आई है.




