
जमशेदपुर : कोल्हान के सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल एमजीएम फिर से सुर्खियों में है. जहां अस्पताल में तैनात होमगार्ड के जवान और उलझ पड़े और मामला हाथापाई पर आ पहुंचा. वहीं देखते ही देखते पूरे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई. हालांकि मौके पर मौजूद लोगों ने और साथी कर्मचारियों ने किसी तरह से मामले को शांत कराया. बताया जाता है कि एमजीएम अस्पताल के गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मी राकेश पांडेय ने अस्पताल में प्रवेश करने के दौरान सफाई कर्मचारी कालीचरण को नहीं पहचाना और उसे गेट में प्रवेश करने से रोक दिया. उधर सफाई कर्मचारी ने होमगार्ड के जवान के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी. इसी क्रम में जवान के कंधे में गंभीर चोट आई है. उधर इस संबंध में सफाई कर्मी ने कहा कि वह अपने बड़ा बाबू के साथ चाय पी कर लौट रहा था लेकिन गेट पर तैनात गार्ड ने उसे अंदर घुसने नहीं दिया और जबरन उसे धक्के देकर बाहर करने लगा इसी में दोनों के बीच तू-तू मैं-मैं शुरू हो गई और मामला हाथापाई तक आ पहुंचा. वहीं इस घटना के बाद एमजीएम अस्पताल प्रशासन ने कर्मचारियों के लिए परिचय पत्र और ड्रेस कोड अनिवार्य कर दिया है. अस्पताल के उपाध्यक्ष डॉ नकुल चौधरी ने बताया कि अब अस्पताल में प्रवेश करने वाले कर्मचारियों के लिए परिचय पत्र और ड्रेस कोड अनिवार्य होगा. फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है.

कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम अस्पताल में आज फिर उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया जब अस्पताल में मौजूद होमगार्ड के जवानों ने एक निजी अटेंडर संतोषी कुमारी को अस्पताल में प्रवेश करने से रोक दिया. उधर प्रवेश करने से रोके जाने से नाराज संतोषी सुरक्षा कर्मियों से उलझ पड़ी हालांकि इस दौरान दोनों के बीच धक्का-मुक्की भी होने लगी. इस संबंध में अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों ने बताया कि अस्पताल प्रशासन की ओर से संतोषी कुमारी को अस्पताल में प्रवेश करने से रोक लगाया गया है.
बताया गया कि संतोषी स्वास्थ्य मंत्री के नाम पर अस्पताल में लोगों को ब्लैकमेल करती है इसलिए स्वास्थ्य मंत्री ने उसके अस्पताल में प्रवेश करने से रोक लगा दी है. उधर संतोषी ने बताया कि वे अस्पताल में एक मरीज के लिए मास्क लेने आई थी लेकिन यहां मौजूद जवानों ने उनके साथ बदसलूकी की. उधर संतोषी इस मामले को लेकर एसएसपी कार्यालय पहुंची और पूरे मामले से अवगत कराया. जहां एसएसपी से मिलने के बाद संतोषी ने बताया कि एसएसपी ने उन्हें जांच के बाद कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया.






