
जमशेदपुर : देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से 22 मार्च यानी रविवार को जनता कर्फ्यू लागू करने की हिदायत दी है. वहीं, उन्होंने उद्यमियों और व्यापारियों से अपील की है कि कुछ दिनों का स्पेशल लीव भी कंपनियां दें या फिर कर्मचारियों को वेतन दें. लेकिन इसके विपरित टाटा स्टील ने जनता कर्फ्यू का समर्थन तो किया है, लेकिन उसी दिन कर्मचारियों को काम पर बुलाया गया है. जिनकी ड्यूटी रविवार को होगी, उनको कहा गया है कि सारे कर्मचारी सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक कंपनी में ही रहेंगे. जिन कर्मचारियों को ए-शिफ्ट में रहना है, वे सुबह 6 बजे आयेंगे, सामान्य तौर पर दोपहर दो बजे तक ड्यूटी करेंगे और फिर रात को नौ बजे तक कंपनी के भीतर ही रहेंगे. जो कर्मचारी का बी शिफ्ट ड्यूटी है, वे लोग सुबह सात बजे से कंपनी में आ जायेंगे, लेकिन दोपहर दो बजे से वे लोग ड्यूटी करेंगे और सामान्य तौर पर रात को दस बजे घर जायेंगे. सुबह सात बजे से लेकर दोपहर दो बजे तक उनके खाने पीने के लिए कैंटीन में सारी सुविधा रहेगी जबकि ट्रॉली प्वाइंट में भी लोगों को खाने का सामान मिलेगा. लेकिन सवाल यह उठेगा कि फिर से कैंटीन में कर्मचारियों का एक साथ जमावड़ा लगना कितना सही रहेगा. इसको लेकर रात के वक्त यूनियन के अध्यक्ष आर रवि प्रसाद के साथ तमाम लोगों की बैठक हुई है, जिसमें यूनियन ने इस पर मुहर लगा दी है. कर्मचारियों को किसी तरह का स्पेशल लीव या कोई अन्य अतिरिक्त सुविधा इस दौरान नहीं मिलेगी. इस फैसले से कर्मचारियों में गुस्सा देखा जा रहा है.





