जमशेदपुर: एमजीएम हॉस्पिटल की बड़ी लापरवाही सामने आई है. शुक्रवार की रात को आदित्यपुर में दो सड़क दुर्घटना का मामला आया था. इस हादसे में जिन मरीज को गंभीर चोट आई थी. उनका निधन हो गया. ललित दत्ता नामक मरीज की मौत हो गई है लेकिन उनकी जगह किसी और पेशेंट को स्वस्थ करके घर भेज दिया गया. (नीचे भी पढ़े)

दूसरी ओर ललित दत्ता के परिजन जब पूरे वार्ड में खोजबीन की तो कुछ पता नहीं चला. इसके बाद एमजीएम को पूरा खंगाला तो बाद में पता चला कि मर्चरी में रखे डेड बॉडी की परिजनों ने पहचान की. इसके बाद जो डेड बॉडी को रखा गया है,उसका रजिस्टर में नाम धनंजय अंकित दर्शाया गया है. 2 दिन से परिजन परेशान थे. खोजबीन करते करते थक गए.(नीचे भी पढ़े)
तभी यहां के समाजसेवी विमल बैठा भाजपा नेता को मामले की सूचना दी गई और मौके पर आकर छानबीन की तो यह पाया गया कि इनके भाई की मृत्यु हो चुकी है. उनका नाम रजिस्टर में कुछ और लिखा है और यहां पर जब परिजन पहुंचे तब मालूम चला कि शव ललित दत्ता का ही है.



