जमशेदपुर : जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल परिसर के बाहर संचालित निःशुल्क पार्किंग को लेकर हुए विवाद के बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू हो गई है. होमगार्ड डीएसपी हरिहर सिंह मुंडा ने अस्पताल के होमगार्ड प्रभारी दिग्विजय पांडेय और पूर्व प्रभारी योगेंद्र शर्मा को एमजीएम अस्पताल की ड्यूटी से हटाकर एमजीएम मेडिकल कॉलेज में तैनात कर दिया है. सोमवार को दोनों का कमान मेडिकल कॉलेज के लिए काट दिया गया और मंगलवार से वे नई जगह पर योगदान देंगे. (नीचे भी पढ़ें)
गौरतलब है कि करीब एक माह पहले अस्पताल की पार्किंग से लगातार हो रही बाइक चोरी की घटनाओं को लेकर एमजीएम थाना प्रभारी सचिन कुमार दास और होमगार्ड जवानों के बीच विवाद हुआ था. आरोप था कि 12 जून की रात थाना प्रभारी ने होमगार्ड जवानों की देर रात परेड कराई और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया. इसका होमगार्ड प्रभारी दिग्विजय पांडेय ने विरोध किया था. इसके बाद थाना प्रभारी ने होमगार्ड डीएसपी को लिखित शिकायत भेजकर संबंधित जवानों को अस्पताल की ड्यूटी से हटाने का अनुरोध किया था.
हालांकि इस कार्रवाई के बावजूद अस्पताल के बाहर पार्किंग व्यवस्था में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है. वाहन अब भी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की चहारदीवारी के बाहर ही खड़े किए जा रहे हैं. (नीचे भी पढ़ें)
विवाद के बाद थाना प्रभारी ने रात के समय वाहनों की सुरक्षा के लिए दो अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की है, जिसके बाद पिछले कुछ दिनों में बाइक चोरी की कोई नई शिकायत सामने नहीं आई है. वहीं, अस्पताल में तैनात करीब 90 होमगार्ड जवानों के लिए अब तक नए प्रभारी की नियुक्ति नहीं हो सकी है. सोमवार देर रात तक अस्पताल प्रबंधन को नए प्रभारी के नाम की सूचना नहीं मिली थी. सूत्रों के अनुसार कई योग्य होमगार्ड जवानों को प्रभारी बनने का प्रस्ताव दिया गया, लेकिन अधिकांश ने यह जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया. उनका कहना है कि किसी भी विवाद या चुनौतीपूर्ण स्थिति में अस्पताल प्रबंधन का अपेक्षित सहयोग नहीं मिलता, इसलिए वे अतिरिक्त जिम्मेदारी उठाने से बच रहे हैं.




