जमशेदपुर : पोटका विधायक संजीव सरदार ने स्वर्णरेखा परियोजना के कार्यपालक अभियंता और एसडीओ के साथ कथित मारपीट के आरोपों को खारिज किया है. विधायक ने कहा कि उन्होंने विभागीय अधिकारियों को बुलाकर केवल संबंधित मामले की जानकारी हासिल की थी. ऐसे में मारपीट का मामला कहां से आ गया, यह उन्हें समझ में नहीं आ रहा है. (नीचे भी पढ़ें)
विधायक संजीव सरदार ने अपनी सफाई में कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी तक नहीं है कि मारपीट का आरोप कैसे सामने आया. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “आखिर मैं किसी कर्मचारी को क्यों मारूंगा? अधिकारियों से जानकारी लेना और किसी के साथ मारपीट करना, दोनों अलग-अलग बातें हैं.” (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने आगे कहा कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी गलत कार्य करते हुए पाया जाता है, तो वे उसे फटकार जरूर लगाते हैं और कामकाज में लापरवाही होने पर अपनी नाराजगी भी जाहिर करते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे किसी के साथ मारपीट करेंगे. (नीचे भी पढ़ें)
विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अधिकारियों के साथ मारपीट की घटना नहीं हुई है. उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विभागीय अधिकारियों से बातचीत कर जानकारी हासिल करने की बात को बेवजह मारपीट का मामला बनाया जा रहा है. फिलहाल, इस मामले में विधायक संजीव सरदार ने अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है. वहीं, पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति जानने के लिए संबंधित अधिकारियों का पक्ष और मामले से जुड़े तथ्यों की पुष्टि होना जरूरी है.





