जमशेदपुर : जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने कहा है कि जमशेदपुर महिला कांग्रेस द्वारा मेयर सुधा गुप्ता की अपील पर उनके विरुद्ध किया जाने वाला आंदोलन रद किया है तो यह उनका आपसी मामला है. श्री राय ने यह भी कहा कि मानगो नगर निगम कार्यालय के सामने भ्रष्टाचार विरोधी धरना के समय किसी पत्रकार से बात करते हुए मेयर के बारे में उनकी टिप्पणी को यदि महिला कांग्रेस अभद्र मानती है तो इससे उनकी समझदारी और बुद्धमता पर प्रश्न खड़ा होता है. (नीचे भी पढ़ें)
यहां जारी एक बयान में सरयू राय ने कहा कि वह तो इंतजार कर रहे थे कि जमशेदपुर महिला कांग्रेस इस मुद्दे पर उनके विरुद्ध आंदोलन करेगी तो उन्हें अवसर मिलेगा कि विगत दो तीन वषों में किसने किसके विरुद्ध महिला की आड़ लेकर किस प्रकार की टिप्पणी समाचार पत्रों में, सोशल मीडिया में और इलेक्ट्रानिक मीडिया में की है. इससे जनता को भी फैसला करने में आसानी होती कि उनके द्वारा की गई टिप्पणी अभद्र है या कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री द्वारा उनके विरुद्ध बार-बार की गई टिप्पणियां अश्लील और अभद्र हैं. श्री राय ने कहा कि उन्हें यह बताने का भी अवसर मिलता कि किस प्रकार एक महिला का अंग प्रदर्शन देखते हुए वायरल वीडियो के विरुद्ध बिष्टुपुर थाने में तीन साल पहले एफआइआर दर्ज किया गया. कुछ दिनों तक काफी हो हल्ला मचा. वीडियो वायरल करने के नाम पर जमशेदपुर के कुछ लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी, मगर बाद में मामला ठंडा हो गया. जमशेदपुर पुलिस अभी तक यह नहीं बता सकी है कि इस मामले में एफएसएल की रिपोर्ट क्या है? मामला न्यायालय में लंबित है. सरकार से जुड़े हुए लोगों से संबंधित हर मामले में थाना-पुलिस और पब्लिक प्रॉसिक्यूटर जरूरत से ज्यादा सक्रिय होते हैं परंतु इस मामले में उन्हें भी सांप सूंघ गया है. सरकार अभी भी यही कह रही है कि मामले का अनुसंधान जारी है. (नीचे भी पढ़ें)
इस मामले में बिष्टुपुर थाना में झारखंड सरकार के एक तत्कालीन मंत्री द्वारा एफआइआर दर्ज किया गया था पर पुलिस ने अनुसंधान में और पब्लिक प्रोस्क्यूटर ने अभियोजन में कितनी तत्परता दिखाई, इसका पता नहीं है. श्री राय ने कहा कि जो लोग उनके ऊपर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगा रहे हैं, उन्हें अपने गिरेबान में झांकना चाहिए और इस तथ्य को याद रखना चाहिए कि आसमान पर थूकने वालों का अपना चेहरा ही गंदा होता है. वो आंदोलन करें या आंदोलन वापस लें, यह उनके बीच का आपसी मामला है. उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता और न इससे कोई लेना-देना है.




