
जमशेदपुर : क्या जमशेदपुर पूर्वी के विधायक और झारखंड की राजनीति के भीष्म पितामह सरयू राय सरकार से खफा हैं ! ऐसे हम नहीं बल्कि खुद विधायक सरयू राय कह रहे हैं. जमशेदपुर में अपने दो साल के कार्यकाल का लेखा-जोखा देते हुए विधायक सरयू राय ने अपने जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित आवास में संवाददाता सम्मेलन आयोजित की. इस दौरान उनकी पार्टी के जमशेदपुर जिला अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष अमित शर्मा, केंद्रीय पदाधिकारी रामनारायण शर्मा, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष मंजू सिंह, अजय सिन्हा समेत अन्य लोग मौजूद थे. श्री राय ने यहां सरकार पर तीखे हमले किए हैं. वैसे उन्होने कहा कि पारा टीचर जैसे मुद्दे पर उन्होंने सरकार का समर्थन किया है, लेकिन सरकार का हर मुद्दे पर समर्थन किया जाये, यह संभव नहीं है. अपने 2 साल के लेखा-जोखा पेश करते हुए सरयू राय ने बताया, कि 2 साल के दौरान अपने विधानसभा क्षेत्र में उन्होंने विधायक निधि और नगर विकास फंड से 26 करोड़ 89 लाख 28 हजार 332 रुपए की विकास योजनाओं की सौगात दी है. साथ ही 3. 40 करोड़ की योजना अभी प्रस्तावित है. वही नगर पालिका चुनाव नहीं होने के कारण 15 वें वित्त आयोग से अभी 16 करोड़ की योजना और खर्च होने बाकी है. वैसे सरयू राय ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, कि झारखंड के साढ़े 23 जिलों में राज्य की सरकार काम कर रही है. आधा जिला, यानी जमशेदपुर पूर्वी में सरकारी तंत्र और सरकार निष्क्रिय है. उन्होंने सरकार से जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं पर भी गंभीरता से विचार करने की मांग की है. सरयू राय ने जमशेदपुर की सात समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित कराते हुए कहा, यहां की मुख्य समस्या मालिकाना हक, निकाय, मोहरदा जलापूर्ति योजना, इंकैब, प्लीज समझौते के तहत नागरिक सुविधाएं, बेतरतीब और अनियमित शहरीकरण. जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों के अनियमित विस्तार को देखते हुए एक मेट्रोपॉलिटन कमेटी का गठन करने की मांग की. विधायक सरयू राय ने बताया, कि इन सभी मुद्दों को लेकर विधानसभा के पटल पर उन्होंने 32 सवाल सरकार से किए, मगर आज तक सरकार ने उनके सवालों का सही और सटीक जवाब नहीं दिया. सरयू राय ने सभी मुद्दों पर विस्तार से बताते हुए उनके समाधान के रास्ते भी बताए. उन्होंने सभी मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से विचार करने की नसीहत दी है. उन्होंने बताया, कि पूर्व की सरकारों की गलतियों के कारण 103 साल पूर्व बसे शहर की जनता त्राहिमाम कर रही है. क्षेत्र की जनता के हित को ध्यान में रखते हुए सरकार को ऐसे मामलों पर गंभीरता दिखाने की जरूरत है. (नीचे देखे पूरी खबर और वीडियो)
मालिकाना हक मिले, इसके वे पक्षधर है, पूर्ववर्ती सरकार ने लीज पर देने का कानून लाकर गड़बड़ कर दिया
सरयू राय ने कहा कि मालिकाना हक मिले, इसके वे पक्षधर रहे है. वे पहले ही इसको लेकर अपना निजी विधेयक लाये थे. अब उस क्षेत्र के विधायक बनने के बाद अब उनकी प्राथमिकता है. इसको विधानसभा में उठा चुके है. लेकिन किसी ना किसी कारण से इसको टाल दिया जाता है. अब तो कानूनी पेंच पूर्व की सरकार की आ गयी है कि पूर्ववर्ती सरकार ने जमीन को लीज पर देने का कानून बना दिया था, उसके बाद से मामला लटक चुका है. (नीचे देखे पूरी खबर और वीडियो)
बन्ना गुप्ता पर पूछे गये विधानसभा के सवाल के मुद्दे पर
सरयू राय से पूछा गया कि स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाया गया था. उस पर क्या हुआ. इस पर उन्होंने कहा कि विधानसभा में गलत जवाब देने की बात साबित हो चुकी है. यह विशेषाधिकार हनन का मामला है, जो विधानसभा में लंबित है और अध्यक्ष ने कहा है कि वे लोग कार्रवाई करेंगे. (नीचे देखे पूरी खबर और वीडियो)
विपक्ष का रोल काफी अहम, हम अकेला विपक्ष नहीं हो सकते, भाजपा को आगे आना चाहिए
सरयू राय से पत्रकारों ने सवाल पूछा कि विपक्ष का रोल काफी अहम है. लेकिन भाजपा जैसी पार्टियों की भूमिका कहां देखते है. उन्होंने कहा कि मैं अकेला आदमी हूं, जिसके साथ संगठन है. लेकिन हमारा संगठन छोटा है. भाजपा मजबूत है. भाजपा को आगे आना चाहिए और विपक्ष की सकारात्मक भूमिका निभानी ही चाहए. (नीचे देखे पूरी खबर और वीडियो)
कंपनी के गुंडापार्टी जैसे तत्वों से लड़ाई लड़ेंगे
टाटा स्टील के मसले पर उन्होंने कहा कि टाटा स्टील कंपनी के गुंडापार्टी जैसे तत्वों से वे लड़ाई लड़ेंगे. यहां किसी तरह का कोई एकरुपता ही नहीं है. (नीचे देखे पूरी खबर और वीडियो)
रघुवर दास के जेल भेजने के मामले पर सरयू ने ली चुटकी, इंतजार करने को कहा
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के पिछले दिनों दिये गये बयान के जवाब में सरयू राय ने कहा कि वे दो साल से जेल जाने का इंतजार कर रहे है. इंतजार का फल मीठा होता है. कम से कम इंतजार तो कर रहे है. सरयू राय ने कहा कि दो मुख्यमंत्री जो जेल गये थे, वे एक दिन में नहीं गये थे. काफी समय लगा था. आज तक कई केस चल ही रहे है. झारखंड की हेमंत सोरेन की सरकार ने कई मामले की जांच का आदेश दिया है. जांच करायी है, लेकिन कार्रवाई नही हो रही है, तो हम जरूर इस मुद्दे को उठायेंगे. हमने बस गलत चीजों का विरोध किया है और जो गलत किया है, वह इंतजार करें, सरकार देर से ही सही, पर कार्रवाई करेगी, ऐसा भरोसा है. (नीचे देखे पूरी खबर और वीडियो)
जात-पात का आरोप लगाना और जनता को पछताने का बयान देना जनता का अपमान
सरयू राय ने एक सवाल के जवाब में बिना रघुवर दास के नाम लिये हुए कहा कि विरोधी ने कहा कि जात पात करके वे जमशेदपुर पूर्वी का चुनाव जीत गये. जनता पछता रही है, विरोधी कह रहे है. लेकिन यह तो जनता का अपमान है. जनता कोई पछतावा नहीं कर रही है. इंदिरा गांधी जी को 1977 में लोगों ने हरा दिया और फिर 1980 में वे चुनाव जीत गयी, यह तो संभव होता है. जनता का जनादेश को मान लेना चाहिए और जनता का अपमान नहीं करना चाहिए. जनता ने कोई जात पात नहीं किया है. 15 से 20 दिन पहले वे जमशेदपुर पूर्वी में गये थे. उतने दिनों में क्या कर सकते है, यह तो कोई भी जान सकता है. जनता त्रस्त थी और जनता ने उनसे अपने अपमान का बदला लिया. (नीचे देखे पूरी खबर और वीडियो)

भाजपा में वापसी पर यह बात कही, अपने संगठन पर भी बोले
सरयू राय ने संवाददाता सम्मेलन में पूछे गये सवाल के जवाब में कहा कि भाजपा में वापसी की जहां तक बात है तो बाघ के सामने किसी व्यक्ति को खड़ा कर दिया जाये तो व्यक्ति फैसला नहीं कर पायेगा, बाघ को फैसला करना है. यह संकेत में बड़ा बयान सरयू राय ने दिया यानी भाजपा को ही अब इस मामले में फैसला लेना है. वैसे उन्होंने कहा कि भारतीय जनतंत्र मोर्चा तेजी से काम कर रहा है और दो साल में जमशेदपुर में बेहतर संगठन बनने का गौरव हासिल हुआ है.













