
जमशेदपुर : भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि के अवसर पर भाजमो अनुसूचित जनजाति मोर्चा जमशेदपुर महानगर के तत्वावधान में मोर्चा अध्यक्ष प्रकाश कोया की अध्यक्षता में बिरसानगर संडे मार्केट स्थित बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा स्थल पर श्रद्धांजली कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय उपस्थित हुए. श्री राय एवं भाजमो नेताओं ने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया. झारखंड के वीर सपुत बिरसा मुंडा अमर रहे के नारों से बिरसानगर संडे मार्केट गुंज उठा. विधायक सरयू राय ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा के द्वारा देश की स्वतंत्रता के लिए किए गए त्याग और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता. उन्होने जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया. (नीचे भी पढ़ें)
इस दौरान सर्वसम्मति से बिरसानगर संडे मार्केट में बिरसा मुंडा की नई मार्बल की प्रतिमा अधिष्ठापन करने का प्रस्ताव पेश किया गया. कार्यक्रम में मुख्य रूप से भाजमो जिला अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव, राम नारायण शर्मा, विकाश गुप्ता, प्रकाश कोया, मंजू सिंह, अमित शर्मा, सुधीर सिंह, मंडल अध्यक्ष – शंकर कर्मकार, विनोद यादव, प्रसंजीत सिंह, सरस्वती खामरी, सूरज हेमब्रोम, रेखा महाननंदी, पिंकी विस्वास, सुलोचना देवी, नंदिता गगराई, संजय रविदास, तुलसी लोहार, सुसमा, रति देविंदर, शेखर राव, प्रदीप रॉय, शंकर सोरेन, रेशमा सोय, अमित राम, अजय कुमार, जानकी गोप, सोपन दास, सतान्दर सिंह, आरती देवी, देव जी, संजय मुंडा, महुवा चकार्बोती, आशित नाग, बिना देवी, राम सिरका, जाया, जमुना, गौरी, सुनीता, सबिता, भानु, संजू उपस्थित थे. (नीचे भी पढ़ें)
दूसरी ओर, विधायक सरयू राय ने एक पत्र उपायुक्त को लिखा है. विधायक ने अपने पत्र में लिखा है कि वे भगवान बिरसा मुण्डा बलिदान दिवस के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु बिरसानगर स्थित भगवान बिरसा मुण्डा स्मारक-स्थल पर गया था. प्रथम दृष्टया अवलोकन के उपरांत पाया कि भगवान बिरसा मुण्डा स्मारक-स्थल का सौन्दर्यीकरण कार्य चल रहा है, परन्तु कार्य की गति काफी धीमी है. इसे त्वरित गति से शीघ्र संपन्न कराया जाना चाहिए. इसके अलावा इस स्थल के शीर्ष पर स्मारक स्वरूप भगवान बिरसा मुण्डा का सीमेन्ट से निर्मित पुरानी प्रतिमा अवस्थित है. प्रतिमा की गर्दन के ऊपर और चेहरे के किनारे-किनारे दरारें उभर आई हैं जो क्षरण का प्रतीक है. प्रतिमा की आंखें भी स्पष्ट रूप से आंख पूरी तरह परिलक्षित नहीं हो रही हैं. बेहतर होगा यदि काफी पहले, संभवतः 1970 के दशक में, स्थापित सीमेन्ट और छड़ के उपयोग से बनी इस प्रतिमा के स्थान पर फाईबर, ग्रेनाईट, कांस्य से निर्मित आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाये, जो टिकाऊ हो. प्रतिमा का निर्माण किसी अनुभवी शिल्पकार से कराया जाये, ताकि प्रतिमा के सभी अंग और प्रत्यंग समानुपातिक हों. उन्होंने कहा है कि भगवान बिरसा मुण्डा स्मारक-स्थल की देखरेख के लिए एक स्थायी व्यवस्था की जाये. जमशेदपुर अक्षेस के अधीन एक स्मारक समिति का गठन किया जा सकता है.



