
जमशेदपुर : वैसे तो विवादों से दूर रहने वाले जमशेदपुर के सांद विद्युत वरण महतो इन दिनों सांसद निधि (एमपी लैड) के दुरुपयोग को लेकर विवादों में है. जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो के खिलाफ आरटीआइ कार्यकर्ता दिनेश महतो ने गंभीर आरोप लगाते हुए लोकायुक्त से इसकी शिकायत की है. सांसद निधि के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए यह शिकायत की गयी है. शिकायत के मुताबिक, प्राक्कलन के आधार पर ग्राम चौपाल का निर्माण कराया जाना था, लेकिन ग्राम चौपाल का स्वरुप बदलकर हरि मंदिर का निर्माण करा दिया गया. वित्तीय वर्ष 2016-2017 से लेकर वित्तीय वर्ष 2020-2021 के बीच की यह गड़बड़ी बतायी गयी है, जिसके तहत 88 ग्राम चौपाल मद में 3 करोड़ 28 लाख रुपये की राशि विमुक्त की गयी है, लेकिन उक्त राशि का उपयोग ग्राम चौपाल की जगह पूरे जिले में हरि मंदिर के निर्माण के लिए कर दिया गया है. हालांकि, खुद सांसद विद्युत वरण महतो ने इसको तथ्यहीर बताया है और कहा है कि ग्राम चौपाल की जगह सांसद निधि से हरि मंदिर बनाने का जो आरोप है, वह गलत है. सांसद ने ग्राम चौपाल की अनुशंसा और स्वीकृति दी हैं. निर्माण कराने वाली एजेंसी अगर हरि मंदिर बनवा दिया है तो यह जांच का विषय है. इसमें सांसद की कोई भूमिका नहीं है. इस मामले में दिनेश महतो ने जांच कराकर सांसद पर कार्रवाई करने की मांग की है. जिला विकास शाखा की ओर से सूचना के अधिकार के तहत दी गयी जानकारी में बताया गया है कि सांसद निधि की मार्गदर्शिता में मंदिर निर्माण का जिक्र नहीं है. ऐसे में ग्राम चौपाल मद में निर्गत राशि को हरि मंदिर बनाने में लगा दिया यगा है, जो गलत है. इन पांच सालों में तीन कार्यकारी एजेंसियों ने काम किया है. इसमें वित्तीय वर्ष 2017-2017 में 58 ग्राम चौपाल का निर्माण एनआरइपी से जबकि 30 ग्राम चौपाल का निर्माण आरडीएसडी एजेंसी से कराया गया है. इस मामले में जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की गगयी है.




