जमशेदपुर : नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय जमशेदपुर में अमृत काल बजट 2023-24 पर प्रोफेशनल विद्यार्थियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई. मुख्य अतिथि कोल्हान विश्वविद्यालय के वित्त पदाधिकारी डॉ प्रभात कुमार पाणी, मुख्य वक्ता सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के महासचिव मानव केडिया, विशिष्ट अतिथि कोल्हान विश्वविद्यालय के पूर्व सीनेट व सिंडिकेट सदस्य अमिताभ सेनापति, नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी के प्रति कुलपति डॉ ऋषि रंजन, रजिस्ट्रार नागेंद्र सिंह, डीन एकेडमिक्स प्रो दिलीप सोम, डीन एडमिनिस्ट्रेशन प्रो जे राजेश, युवा उद्यमी अमित अग्रवाल एवं शिक्षाविद विकास कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया. (नीचे भी पढ़ें)

मुख्य अतिथि डॉ पी के पाणी ने अपने संबंधन में कहा कि अमृत काल के बजट में पुराने नियम के अंतर्गत पुराने स्लैब में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है, लेकिन नये नियम के अंतर्गत नये स्लैब की दरें परिवर्तित हुई हैं, जिसमें 7 स्लैब के बदले 6 स्लैब कर दिये गये हैं एवं स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹50,000 वेतन से संबंधित आय पर छूट प्रदान की गई है. लोगों को ₹7 लाख तक की आमदनी पर कोई टैक्स नहीं लगेगा, लेकिन सात लाख से अधिक आमदनी होने पर ₹ 3 लाख तक कोई कर नहीं लेगागा, 3 से 6 लाख तक 5 प्रतिशत, 6 से 9 लाख पर 10 प्रतिशत, 9 से 12 लाख पर 15 प्रतिशत, 12 से 15 लाख पर 20% एवं 15 लाख से अधिक आय होने पर 30 प्रतिशत टैक्स लगेगा. ऐसे ही 5 करोड़ से अधिक आमदनी होने पर सरचार्ज 37 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है. (नीचे भी पढ़ें)

मुख्य वक्ता सिंहभूम चैंबर के महासचिव मानव केडिया ने बजट की बारीकियों को बताते हुए कहा कि अमृत काल का यह बजट बेहद शानदार बजट है. उन्होंने कहा कि आज भारत यूपीआइ पेमेंट के इस्तेमाल में विश्व में अव्वल है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस बजट में कृषि का भी खास ख्याल रखा है. सरकार ने इस सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. बजट में सरकार का केमिकल्स का प्रयोग कम करने एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने का फैसला भी काफी सराहनीय है. उन्होंने कहा कि सरकार का स्वास्थ्य के क्षेत्र में 157 नर्सिंग कॉलेज खोलने का फैसला भी सराहनीय है. सरकार ने सीनियर सिटिजंस एवं महिलाओं के लिए भी कई छूट का प्रावधान किया है. चर्चा सत्र को अन्य विशिष्ट अतिथिय़ों ने भी संबोधित किया. इस अवसर पर नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय के सैकड़ों विद्यार्थी व दर्जनों शिक्षक भी उपस्थित थे.



