
जमशेदपुर : झारखंड सरकार ने जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम जिला) के डीसी सूरज कुमार का शुक्रवार को तबादला कर दिया गया. उनकी जगह महिला आइएएस अधिकारी जाधव विजया नारायण राव को जमशेदपुर का डीसी बनाया गया है. वे जमशेदपुर में तीसरी महिला आइएएस अधिकारी है, जिनको यहां का डीसी बनाया गया है. इससे पहले महिला के तौर पर निधि खरे को 14 नवंबर 1999 से 5 सितंबर 2000 तक पोस्टिंग की गयी थी, जो अभी भारत सरकार की केंद्र सरकार में मुख्य सचिव स्तर की अधिकारी है. एक तेज तर्रार आइएएस अधिकारी निधि खरे की दूसरी बार पोस्टिंग जमशेदपुर में 15 जनवरी 2002 से 7 दिसंबर 2003 तक की गयी थी. वहीं, दूसरी आइएएस अधिकारी महिला के तौर पर हिमानी पांडेय की पोस्टिंग की गयी थी, जो 13 जुलाई 2010 से 2 जून 2013 तक जमशेदपुर की डीसी के तौर पर काम की थी. इसके बाद वे तीसरी महिला आइएएस अधिकारी है, जो जमशेदपुर में पोस्टिंग की गयी है. वैसे वे जमशेदपुर की 22वीं डीसी होंगी. 1990 में इस जिले के गठन के बाद से अब तक सूरज कुमार समेत 21 जिले के अधिकारी यानी डीसी बदल चुके है. (नीचे देखे पूरी खबर)

कौन है जमशेदपुर की नयी डीसी
जमशेदपुर की डीसी (उपायुक्त) बनायी गयी जाधव विजया नारायण राव 2015 बैच की आइएएस अधिकारी है. मूलत: वे महाराष्ट्र की पुणे की रहने वाली है, जिनका यूपीएससी में चयन होने के बाद झारखंड कैडर दिया गया. झारखंड में उनकी पहली पोस्टिंग हजारीबाग जिले में की गयी थी, उसके बाद उनको पहली बार एसडीओ अक्टूबर 2017 में बनाया गया था, जहां उन्होंने अपने कार्यों से माफियाओं के पसीने छुड़ा दिये थे. गिरीडीह में लोगों ने उनको महिला सिंघम के रुप में जाना और उनकी दबंग, निडर और जनता की सेवा महिला ऑफिसर के रुप में देश में एक नयी पहचान बनायी. देश की टॉप 10 महिला दमदार आइएएस अधिकारियों में उनको जाना जाता है. बालू माफियाओं की सूचना पर वे अकेले चली गयी थी, जिसके बाद बिहार और झारखंड के बालू माफियाओं की वो किरकिरी बन गयी थी. इसके बाद उनका तबादला कर दिया गया था. उनकी चर्चाएं देश के गिने चुने दमदार आइएस के रुप में मीडिया में की जाती है. महिला अधिकारी जाधव विजया नारायण राव के नाम कई चीजें दर्ज है. वे एक बार कुरैशी मोहल्ला में गौ तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर दी थी. 2018 में मॉर्निंग वाक वाली ड्रेस में ही वह अकेले रेड मारने के लिए पानी की बोतल हाथ में लेकर पहुंच गयी थी, जिसके बाद हंगामा मच गया था. वह गौ कत्लखाने में पहुंच गयी थी और बाद में पशुपालन अधिकराी को बुलाकर उसका सैंपल इकट्ठा करवाया था. वहां करीब 50 से 60 गायों को मुक्त कराया था. इसके बाद वह अपने हाथों से कई गायों को वहां मुक्त कराया था. इसी तरह एक बार यह मालूम चला कि अवैध तरीके से हाईवे के ढाबों में शराब बेचा जा रहा है और पिलाया जा रहा है. इसकी सूचना के बाद वह खुद हाथ में टार्च लेकर चल पड़ी और बड़े पैमाने पर शराब जब्त करायी थी और तीन लोगों को खुद से पकड़ लिया था. इसी तरह अवैध स्टोन क्रशिंग यूनिट को भी सील करने के लिए खुद पहुंच गयी थी. (नीचे देखे पूरी खबर)

जमशेदपुर में क्या टिक पायेंगी लेडी सिंघम
जमशेदपुर एक ऐसा शहर है, जिसमें इस तरह के आइएएस अधिकारी की जरूरत होती है, लेकिन क्या वह यहां टिक पायेगी. राजनीतिक तौर पर समृद्ध जमशेदपुर में वर्तमान में मंत्री चंपई सोरेन, जो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी है, रहते है. वहीं, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता का यह गृह क्षेत्र भी है और यहां उनका विधानसभा भी है. इसके अलावा खूंटी से भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा भी यहां निवास करते है. पूर्व मुख्यमंत्री सह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास भी यहीं निवास करते है. जमशेदपुर में ही कद्दावर राजनीतिज्ञ और विधायक सरयू राय का भी आवास है. उसके बाद टाटा समूह का भी इस जिले में सबसे बड़ा हब है. जाहिर सी बात है कि इन सारी चीजों से बचते हुए और राजनीतिक दबाव के बीच उनका टिकना ही बड़ी बात होगी. टाटा समूह का दबाव भी आइएएस अधिकारियों को झेलना पड़ता है. (नीचे देखे पूरी खबर).

जमशेदपुर के डीसी एक नजर में :
बीके हल्धर-16 जनवरी 1990 से 21 अगस्त 1991
डॉ गोरेलाल यादव-21 अगस्त 1991 से 24 अक्टूबर 1991
डीपी सिंह-24 अक्टूबर से 1991 से 26 नवंबर 1991
डॉ गोरेलाल यादव-26 नवंबर 1991 से 12 फरवरी 1993
सजल चक्रवर्ती-12 फरवरी 1993 से 14 मार्च 1993
डॉ गोरेलाल यादव-14 मार्च 1993 से 20 जनवरी 1995
शिवराज अस्थाना-20 जनवरी 1995 से 29 अप्रैल 1995
डॉ गोरेलाल यादव-29 अप्रैल 1995 से 29 मार्च 1996
संजय कुमार-29 मार्च 1996 से 14 नवंबर 1999
निधि खरे-14 नवंबर 1999 से 5 सितंबर 2000
ब्रजेश मल्होत्रा-5 सितंबर 2000 से 27 नवंबर 2000
शैलेश कुमार सिंह-27 नवंबर 2000 से 15 जनवरी 2002
निधि खरे-15 जनवरी 2002 से 7 दिसंबर 2003
सुनील कुमार वर्णवाल-7 दिसंबर 2003 से 15 अप्रैल 2005
डॉ नितिन मदन कुलकर्णी-15 अप्रैल 2005 से 11 मई 2008
रवींद्र अग्रवाल-11 मई 2008 से 13 जुलाई 2010
हिमानी पांडेय-13 जुलाई 2010 से 2 जून 2013
डॉ अमिताभ कौशल-2 जून 2013 से 24 जून 2016
अमित कुमार-24 जून 2016 से 30 जून 2019
रविशंकर शुक्ला-30 जून 2019 से 15 जुलाई 2020 तक
सूरज कुमार-15 जुलाई 2020 से लेकर अब तक





