
जमशेदपुर : जमशेदपुर पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए हार्डकोर नक्सली असीम मंडल उर्फ आकाश दस्ता के हार्डकोर सक्रिय सदस्य पीयूष बिरहोर उर्फ माणिक बिरहोर को एमजीएम थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. बताया जाता है कि माणिक बिरहोर एमजीएम थाना अंतर्गत छोटा बांकी गांव में पिछले कई दिनों से छिपकर आना जाना कर रहा था. जिसकी गुप्त सूचना के बाद जिले के एसएसपी द्वारा एक टीम गठित कर छापेमारी करने का निर्देश जारी किया गया. वहीं टीम ने छोटा बाकी गांव से नक्सली पीयूष बिरहोर को गिरफ्तार कर करने में सफलता हासिल की है. पीयूष मूल रूप से घाटशिला इलाके का रहने वाला बताया जाता है वहीं घटना के वक्त इसके पास से कोई नक्सली साहित्य या हथियार बरामद नहीं की गई है. हालांकि इसके खिलाफ जिले के पटमदा, बोड़ाम और एमजीएम थाना क्षेत्र में आर्म्स एक्ट सहित कई मामले दर्ज हैं. वहीं जिला पुलिस के लिए इसे बड़ी कामयाबी के रूप में देखी जा रही है.बताया जाता है कि पकड़ा गया नक्सली अक्सर आना जाना करता रहता था. उसकी गिरफ्तारी से पुलिस ने राहत की सांस ली है.

जमशेदपुर के ग्रामीण इलाके में पोस्टरबाजी, युवाओं को नक्सल टीम में बहाली का दिया ऑफर, पुलिस को दी चुनौती
जमशेदपुर के ग्रामीण इलाके में पोस्टरबाजी भी नक्सलियों ने कर दी है. नक्सलियों ने धालभूमगढ़ थाना क्षेत्र के भालकी गांव और मुसाबनी के बकरा गांव में पोस्टरबाजी कर दी है. इस पोस्टर में नक्सलियों ने लिखा है कि पुलिस के लिए काम करने वाले दलाल के बारे में गुप्त सूचना देने वाले लोगों को ईनाम दी जायेगी. इन लोगों ने युवक और युवतियों से अपील की है कि जनमुक्ति गुरिल्ला फोर्स में भरती हो, पुलिस दलाल नासुस शैलेंद्र बास्क और शंकर चंद्र हेम्ब्रम को जन अदालत में सजा देंगे, गुप्त सूचना देने वाले एसपीओ को गुप्त सूचना देना थोड़ दो वरना चिन्हित करके जन अदालत में सिर कलम कर दिया जायेगा, ऐसे धमकी भरे पोस्टर लगाये गये है. इन सारे पोस्टरों को पुलिस ने जब्त कर लिया है.






