जमशेदपुर : सिंहभूम डाक मंडल ने 6 से 10 अक्टूबर तक राष्ट्रीय डाक सप्ताह का सफल और उत्साहपूर्ण आयोजन किया, जिसने भारतीय डाक विभाग की सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका को सशक्त रूप से रेखांकित किया. इसे लेकर गोलमुरी वरिय डाक अधीक्षक के कार्यालय में सिंहभूम मंडल के वरिष्ठ डाक अधीक्षक उदयभान सिंह ने संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया, जिसमें उन्होंने बताया कि डाकघरों में नये आईटी 2.0 सॉफ्टवेयर आने के बाद शुरू में थोड़ी परेशानी हुई परंतु बाद में सब सामान रहा और अब इस सॉफ्टवेयर के जरीये तेजी से काम हो रहा है. विश्व डाक दिवस एक अंतरराष्ट्रीय दिवस है, जो हर साल 9 अक्टूबर 1874 को यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन की वर्षगांठ पर मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत 1874 में स्विट्जरलैंड में हुई थी. 10 अक्टूबर को ग्राहक दिवस है. इस उपलक्ष्य में जमशेदपुर प्रधान डाकघर में आज शाम कस्टमर मीट आयोजित किया जायेगा. इस बड़े बड़े कारोबारियों को आमंत्रित किया गया है. इस दौरान नुक्कड़ नाटक का भी आयोजन होगा. कोल्हान के ग्रामीण में कुल 654 शाखा है. वहीं 71 उप डाकघर (डिपार्टमेंटल सब पोस्ट ऑफिस) और 2 प्रधान डाकघर है. उन्होंने बताया कि कोई भी डाकघर ऐसा नहीं है जो कोर बैंकिंग से लौस नहीं है. आज के समय के कहीं से भी लोग डाक का पैसा निकाल सकते है और जमा कर सकते है. वहीं इंडिया पोस्ट पेमेंट की सुविधा ले सकते है. पोस्ट मैन मोबाइल एप के जरीय लोगों को रियल टाइम डिलेवरी की सुविधा मिल रही है. जनभागीदारी और विभागीय कर्मचारियों के उत्कृष्ट समन्वय से यह सप्ताह भर चला समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसने ‘सेवा ही धर्म की भावना को पुनः स्थापित किया. 6 अक्टूबर को ‘प्रौद्योगिकी दिवस’ के रूप में मनाते हुए, जमशेदपुर प्रधान डाकघर में डाक कर्मचारियों के लिए एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गयी. इस आयोजन ने विभाग द्वारा अपनयी गयी डिजिटल पहलों और तकनीकी प्रगति के प्रति जागरूकता बढ़ाकर आधुनिकीकरण की प्रतिबद्धता को उजागर किया. अगले दिन 7 अक्टूबर को ‘वित्तीय समावेशन दिवस’ मनाया गया, जहां सुकन्या समृद्धि योजना का खाता खोलने के लिए उप-मंडल स्तर पर कई ‘डाक चौपालों का आयोजन हुआ. वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देते हुए, नागरिकों को बचत योजनाओं और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आइपीपीबी) सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गयी. इस कड़ी में, 55 बच्चियों के खाते खोलकर उनके भविष्य को सुरक्षित करने का विशेष प्रयास किया गया, जिससे वित्तीय समावेशन को ज़बरदस्त बल मिला. (नीचे भी पढ़ें)
8 अक्टूबर ‘डाक टिकट संग्रह एवं नागरिक केंद्रित सेवा दिवस’ का केंद्र बिंदु रहा. स्कूली छात्रों के बीच डाक टिकट संग्रह के शौक को प्रोत्साहित करने के लिए दीन दयाल स्पर्श योजना प्रतियोगी परीक्षा आयोजित की गयी, जिसमें ।। विद्यालयों के 141 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. नागरिक केंद्रित सेवाओं के तहत, चाईबासा के गर्ल्स स्कॉट स्कूल में आधार नामांकन और अद्यतन शिविर लगाकर स्थानीय लोगों को बड़ी राहत दी गयी. इसी दिन श्री कृष्णा पब्लिक स्कूल के 30 छात्रों ने देश की डाक विरासत को समझने के लिए जमशेदपुर प्रधान डाकघर स्थित डाक टिकट संग्रह ब्यूरो का भ्रमण भी किया. सप्ताह के सबसे महत्वपूर्ण दिन 9 अक्टूबर ‘विश्व डाक दिवस’ पर, मंडल ने पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया. वरिष्ठ डाक अधीक्षक उदयभान सिंह ने स्वयं सरायकेला उपडाकघर में “एक पेड़ मां के नाम” आयोजन में पेड़ लगाकर लोगों में गहरी जागृति पैदा की. (नीचे भी पढ़ें)
समारोह का समापन 10 अक्टूबर को हुआ, जब जमशेदपुर प्रधान डाकघर के कर्मचारियों ने नुक्कड़ नाटक का आयोजन कर ग्राहकों को डाक विभाग के सहयोग के लिए जागरूक किया. इसके बाद, ग्राहकों के साथ एक बैठक भी आयोजित की गयी, जिसमें उनके उत्पादों की जानकारी साझा की गयी और उनकी समस्याओं पर चर्चा कर त्वरित समाधान के लिए संबंधित विभागों को आदेशित किया गया. मीडिया के साथ भी बैठक कर पूरे सप्ताह के सफल कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की गयी. वरिष्ठ डाक अधीक्षक उदयभान सिंह ने सफल आयोजन पर संतोष व्यक्त करते हुए सभी ग्राहकों से डाक विभाग की व्यापक सेवाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की. यह राष्ट्रीय डाक सप्ताह वास्तव में प्रौद्योगिकी, वित्तीय सशक्तिकरण, नागरिक सेवाओं और पर्यावरण संरक्षण के प्रति विभाग की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण रहा.



