
जमशेदपुर : केंद्र सरकार की नीतियों का दुष्परिणाम नजर आने लगा है. आपको बता दें कि पिछले कार्यकाल के दौरान टैक्स प्रणाली में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने जीएसटी कानून लागू किया था. उस वक्त सरकार ने इस कानून को उद्यमियों एवं व्यापारियों के लिए सहज बताते हुए देश की जरूरत बताया था. (नीचे भी पढ़ें)

वहीं विपक्ष के विरोध के बाद भी इस कानून को लागू कर दिया गया था, लेकिन धीरे-धीरे इसकी जटिलताओं से व्यापारी और उद्यमी त्रस्त होते जा रहे हैं. जो व्यापारिक एवं उद्यमी संगठन केंद्र सरकार द्वारा थोपे गए जीएसटी कानून को सही बताते थे वही संगठन आज इस कानून के विरोध में उतर चुके हैं. शुक्रवार को जमशेदपुर के जीएसटी भवन के समक्ष सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अलावा दर्जनों व्यवसायिक संगठनों ने जीएसटी कानून के खिलाफ प्रदर्शन किया और एक मांग पत्र जिले के उपायुक्त को सौंपा. (नीचे भी पढ़ें)
सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष अशोक भालोटिया ने बताया कि इस कानून की जटिलताओं के कारण व्यवसायियों एवं उद्यमियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. व्यापार करना दुश्वार हो गया है. ऐसे में इस कानून को अविलंब वापस लिया जाए. वैसे इसके विरोध में देशभर के उद्यमी एवं व्यवसायिक संगठन आंदोलित हैं. (नीचे भी पढ़ें)

श्री भालोटिया ने बताया कि अगर केंद्र सरकार इस कानून पर विचार नहीं करती है, तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा. वैसे जानकारों की अगर माने तो कृषि बिल 2020 का भी यही हश्र होनेवाला है. प्रदर्शन में कॉमर्शियल टैक्सेज बार एसोसिएशन, जमशेदपुर चार्टर्ड एकाउंटेंट्स सोसाइटी, कान्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स, आदित्यपुर स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, जमशेदपुर ज्वेलर्स एसोसिएशन व अन्य संगठन शामिल हुए.





