
जमशेदपुर : प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन (पासवा) की एक बैठक बुधवार को बिरसानगर में हुई। बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद श्यामल अहमद के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ई-मेल के माध्यम से ज्ञापन भेजकर स्कूलों को ऑफलाइन खोलने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि कोरोना संक्रमण काल में जीवन और जीविका को बचाये रखने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाया गया कदम काफी सराहनीय रहा है। कोविड-19 संक्रमण के कुप्रभाव को देखते हुए मार्च 2019 में स्कूलों में ताला लगा दिया गया और आज 22 महीने हो गए बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से बाधित है। पढ़ाई से उनका मोह भंग हो चुका है। बच्चों के उज्जवल भविष्य में ताला लग गया है और अंधकार छा गया है। उसकी भरपाई करना कठिन है। पिछले दो वर्षों से राज्य में बच्चों का पठन-पाठन बंद है। कुछ स्कूलों द्वारा ऑनलाइन क्लास जरूर चलाया जा रहा है, लेकिन मोबाइल, इंटरनेट और अन्य आधारभूत संरचना के अभाव में बच्चों का पठन-पाठन प्रभावित हुआ है। वहीं इस दौरान कई निजी स्कूल बंद हो गये और कुछ बंद होने के कगार पर हैं। पासवा की ओर से कहा गया है कि जिस तरह से राज्य सरकार ने लोगों की आजीविका को बचाने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने का सराहनीय प्रयास किया है, उसी तरह से राज्य की शिक्षा और बच्चों के भविष्य को देखते हुए सरकार स्कूलों को खोलने के संबंध में आवश्यक निर्णय ले। साथ ही सरकार का विश्व बैंक के वैश्विक शिक्षा निदेशक जैमे सावेदरा के उस वक्तव्य की ओर भी ध्यान आकृष्ट कराना अत्यन्त आवश्यक है, जिसमें यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि विद्यालय खोले जाने से वायरस के प्रसार का कोई संबंध नहीं है, इसलिए विद्यालय को बंद रखने का कोई औचित्य नहीं है। (नीचे भी पढ़ें)
कहा गया है कि पासवा राज्य सरकार के साथ कदम से कम मिलाकर सुंदर, स्वस्थ और शिक्षित राज्य के सपने को पूरा करने में तत्पर है। राज्य के निजी विद्यालय सरकार को हरसंभव सहयोग कर टीकाकरण अभियान को सफल बनाएंगे, वस्तुत: 15 से 18 वर्ष के बच्चों का शत-प्रतिशत कोविड-19 टीकाकरण बगैर विद्यालय खोले संभव नहीं है। प्रारंभ से ही राज्य में टीकाकरण अभियान को सफल बनाने में एसोसिएशन और निजी विद्यालयों की सकारात्मक भूमिका रही है। जब स्कूली बच्चे शिक्षकों से प्रेरित होकर टीका लेंगे, तो कई तरह की भ्रांतियों के कारण संक्रमण की गंभीरता को अनदेखा करने वाले उनके अभिभावक भी टीका लेने के लिए प्रेरित होंगे और अगले महीने जब 10 वर्ष के ऊपर के बच्चों का टीकाकरण प्रारंभ होगा, तब यही बच्चे अपने विद्यालय में पढ़ रहे बड़े बच्चों का टीकाकरण होते देखकर मानसिक रूप से तैयार होंगे। दूसरी तरफ जेपीएससी और जेएसएससी द्वारा भी विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है,ऐसे में स्कूल-कॉलेज और शिक्षण संस्थानों का बंद रहने से यहां के विद्यार्थियों को नुकसान उठाना पड़ेगा और बाहर के अभ्यर्थियों को फायदा मिल जाएगा। इसलिए पासवा राज्य सरकार से आग्रह करता है कि अविलंब विद्यालय खोलने की अनुमति प्रदान की जाए, जिससे बच्चों के साथ ही राज्य में संचालित हजारों निजी स्कूलों में कार्यरत लाखों शिक्षकों-शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की आजीविका भी बेहतर ढंग से चल सके। बैठक में मुख्य रूप से प्राईवेट स्कूल्स एण्ड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रमन झा, प्रदेश महासचिव सुभाष उपाध्याय, जेवियर पब्लिक स्कूल्स ग्रुप के डायरेक्टर सुनील सिंह, प्राचार्या निभा सिंह, साउथ प्वाइंट स्कूल के निदेशक शिव प्रकाश शर्मा, जेवियर पब्लिक स्कूल कीताडीह की चेयरपर्सन पूनम झा, साईं सरस्वती स्कूल की चेयरमैन जे शांता, निदेशक शुभम कुमार शामिल हुए।





