जमशेदपुर : सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम जनता ने मिलकर बिहार सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ एक विशाल विरोध प्रदर्शन और शोक सभा का आयोजन किया. बागबेड़ा कॉलोनी में इसका आयोजन हुआ, जिसमें लोगों में भारी गुस्सा देखा गया. इस दौरान आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने बीच सड़क पर सम्राट चौधरी का पुतला दहन किया और सरकार विरोधी नारे लगाए. इस कार्यक्रम की मुख्य रूप से अध्यक्षता रवि शंकर सिंह, पवन ओझा और संतोष ठाकुर(उपमुखिया) ने संयुक्त रूप से की. इसमें डीके मिश्रा, कुंदन तिवारी, रितेश तिवारी, रोहन सिंह और बागबेड़ा के वरिष्ठ और युवा भी मौजूद थे. (नीचे भी पढ़े)

प्रदर्शन के दौरान मुख्य वक्ता ने बिहार सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि एक तरफ सरकार नरसंहार करने वाले नक्सलियों को आत्मसमर्पण का मौका देती है, उन्हें नौकरी और मुआवजा देती है. वहीं दूसरी तरफ, भरत तिवारी जैसे निर्दोष व्यक्ति, जिनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं था और जो बाढ़ पीड़ितों व अनुसूचित जाति के हक की लड़ाई लड़ रहे थे, उन्हें एक साजिश के तहत फर्जी एनकाउंटर में मार दिया गया. इससे पहले आयोजित एक सभा में कार्यकर्ताओं ने हाथों में पोस्टर और मुख्य बैनर थामकर न्याय की गुहार लगाई, जिस पर स्पष्ट रूप से लिखा था “भरत तिवारी को न्याय दो – फर्जी एनकाउंटर का विरोध, आक्रोश मार्च एवं पुतला दहन”. (नीचे भी पढ़े)
आंदोलनकारियों ने सरकार के सामने प्रमुख मांगें रखी हैं, जिसमें भरत तिवारी को तुरंत आधिकारिक रूप से ‘शहीद’ का दर्जा दिया जाए, इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए सम्राट चौधरी तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें, इस कथित फर्जी एनकाउंटर में शामिल सभी पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त (किया जाए. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे आने वाले दिनों में प्रशासन को ज्ञापन सौंपेंगे और इस आंदोलन को और अधिक उग्र रूप देंगे.







