
जमशेदपुर : मंत्री बन्ना गुप्ता के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वर्णरेखा आरती घाट दोमुहानी तट पर होने वाले कार्यक्रम को विभागीय अनुमति मिल गई हैं. इससे अब स्वर्णरेखा घाट के निर्माण और सौंदर्यकरण का रास्ता साफ हो गया हैं. स्वर्णरेखा बहुद्देशिय परियोजना के मुख्य अभियंता अशोक कुमार दास ने उपायुक्त जमशेदपुर को पत्र लिखकर खरकई एवं स्वर्णरेखा नदी के संगम, दोमुहानी के समीप कराये जाने वाले विकास कार्य के लिए अनुमति प्रदान कर दी है जिससे सारे निर्माण का रास्ता साफ हो गया है. इस पर प्रतिक्रिया करते हुए स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सह जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा के विधायक बन्ना गुप्ता ने इसे माँ स्वर्णरेखा की कृपा और आस्था की जीत बताते हुए कहा कि कुछ लोग बेवजह आस्था और धर्म के कार्य को रोकने के लिए षड़यंत्र कर रहे थे लेकिन माँ स्वर्णरेखा की कृपा हुई है और अब भव्य और वयवस्थित रूप से निर्माण कार्य होगा और दोमुहानी को पर्यटक स्थल के रूप में मान सम्मान दिलाते हुए अंतर्राष्ट्रीय ख्याति दिलाने का कार्य करूंगा. उन्होंने कहा कि मैं भाग्यशाली हुँ कि माँ स्वर्णरेखा ने मुझे बेटा के रूप में कार्य करते हुए ये अवसर प्रदान किया है. (नीचे भी पढ़ें)
सुवर्णरेखा नदी में निम्न योजनाओं को स्वीकृति दी गई है :-
- साबरमती एवं गोमती नदी के तर्ज पर स्वर्णरेखा और खरकई नदी पर रिवर फ्रंट तकनीकी रूप से वियर का निर्माण कार्य किया जाए
- स्वर्णरेखा नदी पर कटाव निरोधक कार्य यथा नदी के किनारे बोल्डर लगाने का काम, लैंडस्कैपिंग, शौचालय और अन्य चीजें, लोगों के आने-जाने के लिए पाथवे और वॉकवे, निशक्त लोगों के नीचे उतरने और ऊपर चढ़ने की व्यवस्था, स्वर्णरेखा नदी के दांए तठबंध से नदी की और सीढ़ी का निर्माण कार्य, स्वर्णरेखा नदी के दांए तटबंध से नदी की और पूर्व में बने सीढ़ी का एक्सटेंशन कार्य, स्वर्णरेखा नदी में मूर्ति विसर्जन कुंड ताकि पर्यावरण को बेहतर कार्य संकलित किया जा सके, धार्मिक अनुष्ठान हेतु पूर्व में निर्मित प्लेटफार्म के तर्ज पर प्लेटफार्म का निर्माण, स्वर्णरेखा नदी के तटबंध पर वृक्षारोपण, वृक्षों का चुनाव इस प्रकार से किया जाए कि इसके जड़े बहुत नीचे तक नहीं जाए और तटबंध पर कोई प्रतिकूल असर न पड़े, स्वर्णरेखा नदी में इको फ्रेंडली सौंदर्यकरण कार्य, तटबंध के सुलिस गेट से गंदे पानी का अस्थाई गड्ढे बनाकर प्राकृतिक तरिके से साफ करना ताकि उसका प्रयोग वृक्षों के जड़ो की सिचाई ड्रिप इर्रिगेशन से किया जाए.





