
चाकुलिया : जमशेदपुर के ग्रामीण इलाका चाकुलिया क्षेत्र में कोरोना वायरस का खौफ वहां के ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा ही है. चाकुलिया के बरडीकानपुर-कालापाथर पंचायत के मधुपुर गांव में कुछ ऐसा हुआ, जो यह बता सकता है कि किस तरह का अंधविश्वास या किस तरह का खौफ गांवों में है. चाकुलिया के बरडीकानपुर-कालापाथर पंचायत के मधुपुर गांव में रहने वाले तीन सबर परिवार को ग्रामीणों ने खदेड़ दिया. बताया जाता है कि इन तीनों सबर परिवार के लोगों ने पिछले दिनों राशन बांटने आये रामकृष्ण मिशन के लोगों से राशन लिया था. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राशन जो गांवों में दिया गया है, उससे वायरस फैलता है.

चूंकि, तीन सबर परिवारों ने उन लोगों से राशन लिया था, इस कारण उनको गांव से ही ग्रामीणों ने खदेड़ दिया. गौरतलब है कि पिछले दिनों राशन बांटने के दौरान रामकृष्ण मिशन के दो लोगों को गांव के लोगों ने ही बंधक भी बना लिया था, जिसको बाद में पुलिस ने छुड़वाया था. लोगों में यह अफवाह घर कर गयी कि जो राशन बांटा गया था, उसमें वायरस है. तीन सबर परिवार ने उस राशन लिया था, जिस कारण उन लोगों को गांव से बाहर ही रहना चाहिए. इसके बाद तीन परिवार जिसमें करीब 13 लोग थे, उनको गांव से भगा दिया. ये सारे लोग पास के ही फुलपानी पहाड़ पर चले गये और प्लास्टिक लगाकर पत्थरों के बीच रह रहे थे.

चूंकि, तीन दिनों से काफी बारिश और आंधी हो रहा था, तो वे लोग ताड़ के पत्ता के नीचे रहकर अपना जीवनयापन कर रहे थे. इसकी सूचना बीडीओ लेखराज नाग और सीओ अरविंद कुमार ओझा को मिली. इन तीनों ने तत्काल जाकर ग्रामीणों को समझाया. इसके बाद करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर पहाड़ पर सारे लोग गये. विधायक भी पैदल ही गये और फिर सारे लोगों को ये लोग वापस लेकर आये और सबको घर पर रखवाया. इस दौरान उनको राशन और अनाज भी विधायक द्वारा दिया गया.
ये सारे तीन सबर परिवार थे, जिनको खदेड़ा गया
- जोगा सबर, उनकी पत्नी फुलमनी सबर, 8 साल का बेटा प्रसन्नजीत सबर
- सुमंत सबर, उनकी पत्नी उर्मिला सबर, 12 साल का बेटा रंजीत सबर, 4 साल का बेटा हेमंत सबर, एक साल की बेटी वर्षा सबर
- मंगल सबर, उनकी पत्नी मैनी सबर, 10 साल की बेटी सुकुरमणी सबर, 7 साल का बेटा संतोष सबर और 6 साल का बेटा दुर्गा सबर
वर्षा होने पर ताड़ पत्ता ओढ़कर पहाड़ पर रहते थे सबर
चाकुलिया प्रखंड के मधुपुर गांव के तीन सबर परिवार विगत तीन दिनों से ग्रामीणों के भय से पहाड़ पर रहने पर विवश थे. सूचना पाकर विधायक समीर महंती 2 किलोमीटर पैदल चलकर पहाड़ पहुंचकर सबरों से जानकारी ली. सबरों ने कहा कि तीन दिनों से पहाड़ पर काफी कष्ट झेलते हुए परिवार के साथ रह रहे है. पहाड़ के उपर एक चट्टान के नीचे तिरपाल बांधकर तीनों सबर रह रहे थे. सबरों ने बताया कि विगत दो दिनों से आंधी और बारिश में पहाड़ पर रहने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है. सबरों ने कहा कि ताड़ के पत्ते ओढ़कर सोमबार की रात गुजारी है. कहा कि पहाड़ के नीचे एक गड्डा में जमे पानी से पानी लाकर भोजन बनाते थे और वही पानी पीते थे. मौके पर विधायक ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों ने सबरों के साथ ऐसा दुर्व्यवहार किया है. कहा कि लोगों में जागरूकता की कमी है जिस कारण गांव में ऐसी घटना घटी है. कहा कि ऐसी घटना दोबारा ना हो इसके लिए वे अपने कार्यकर्ताओं को कहा है कि गांव में प्रचार प्रसार कर लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण बिमारी के प्रति जागरूक करे. विधायक ने कहा कि वे प्रशासनिक पदाधिकारी से भी बात करेंगे की प्रशासन स्तर पर भी गांव में लोगों को जागरूक किया जाए.

लोगों के भय से सहमें थे सबर बच्चे सुबह एक झोपड़ी में बैठकर ठंड से कांप रहे थे
चाकुलिया प्रखंड के मधुपुर गांव के तीन सबर परिवार विगत तीन दिनों से पहाड़ पर रहने पर विवश थे. सबर परिवार के साथ साथ सबर बच्चों के चेहरे पर भी लोगों का भय झलक रहा था. मंगलवार सुबह सबर बच्चे एक झोपड़ी में डरे और सहमें बैठ ठंड से काप रहे थे. सबरों ने बताया कि सोमबार की रात से ही वार्षा हो रही हैं और सभी सबर वर्षा और आंधी में पहाड़ पर थे. मंगलवार को पदाधिकारी के आने की सुचना पाकर पहाड़ से नीचे उतर कर गांव पहुंचे है. रात भर वर्षा में भीगने के कारण सबर बच्चें ठंड से काप रहे थे. यह देख विधायक समीर महंती ने सबर परिवार को कंबल उपलब्ध कराया. विधायक से सामग्री पाकर सबरों ने राहत की सांस ली है.







