
चाकुलियाः चाकुलिया प्रखंड की श्यामसुंदरपुर पंचायत कृषि प्रधान क्षेत्र है. भूमि उपजाऊ होने के बावजूद भी क्षेत्र के किसान सिंचाई की कमी के कारण सालों भर खेती नही कर पाते हैं. पंचायत के श्यामसुंदरपुर गांव में 1980-83 के बीच बिहार सरकार कार्यकाल में गांव में लाखों की लागत से स्वर्णरेखा नदी किनारे बहुउद्देशीय परियोजना के तहत पंप हाउस का निर्माण किया गया था. पंप से हजारों एकड़ जमीन तक सिंचाई के लिए पाइप लाइन बिछाए गए थे. किसान उक्त योजना से सालों भर खेती कर लाभान्वित हो रहे थे. (नीचे भी पढे)
गांव के किसान सह पंसस प्रतिनिधि विजय गोस्वामी ने कहा कि हालांकि उक्त योजना को संवेदक ने पूर्ण किए बगैर ही अधूरा छोड़ दिया था. इसके बावजूद भी क्षेत्र के किसानों को इस योजना से सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलता था और किसान सालों भर खेती कर लाभान्वित होते थे. श्री गोस्वामी ने कहा कि फिलहाल नदी किनारे सिर्फ पंप हाउस बचा है और जमीन में बिछे कुछ पाइप है बाकी सारे सामान की चोरी हो चुकी है. (नीचे भी पढे)
उन्होंने कहा कि इस योजना को पुनः चालू कराने के लिए क्षेत्र के ग्रामीण और किसान कई बार पत्राचार कर चुके हैं.जन प्रतिनिधियों से योजना शुरू कराने की गुहार लगा चुके हैं. परंतु इस मामले में अब तक किसी ने भी पहल नहीं की गयी है. कहा कि बहुउद्देशीय परियोजना सरकार शुरू हो तो क्षेत्र के किसानों को इसका लाभ मिलेगा. एक हजार एकड़ भूमि पर सालों भर खेती हो सकेगी और क्षेत्र के किसान लाभान्वित होंगे.





