
चाकुलिया : चाकुलिया प्रखंड के चिंयाबांधी गांव के पास पश्चिम बंगाल के एक कृषक ने इंट्रिग्रेटेड फॉर्मिंग के तहत आधुनिक तकनीक को अपना कर कुछ भूमि पर अधिक से अधिक खेती कर कैसे लाभान्वित हुआ जा सकता है, खेती कर क्षेत्र के किसानों के समक्ष दिखाया है. यहां 14 वीघा जमीन पर कई तरह की सब्जी, मछली और पोल्ट्री चूजा की खेती की जा रही है. बंगाल के कृषक ने कहा कि इस विधि से खेती करने पर किसान लाभान्वित होने के साथ साथ स्थानीय मजदूरों को भी सालों रोजगार मिल पाएगा. कहा कि यह झारखंड में पहली यूनिट है, उनका प्रयास है कि वे क्षेत्र के किसानों को विधि की जानकारी देकर किसानों को जागरूक करे ताकि किसान भी इस योजना से खेती कर लाभान्वित हो सके. कहा कि ग्रामीण क्षेत्र खेती पर निर्भर है, खेती कार्य का विकास होगा तो ही गांव और किसानों का विकास होगा.
इंट्रिग्रेटेड फॉर्मिंग योजना के तहत उन्होंने कूछ भूमि पर ही गोभी, मिर्चा, टमाटर और बैगन की खेती की है. वही कुछ भूमि पर बीम, भिंडी, लौकी समेत अन्य सब्जी की खेती कर रहे हैं. वही पांच फुट गड्डा कर कोई मछली की खेती कर रहे हैं. कहा कि सही देखभाल कर कुछ गड्डा में भी मछली की खेती की जा सकती है. उन्होंने कहा कि इस विधि को अपना कर किसान ऑन सीजन में भी बाजार की मांग के आधार पर सब्जी की खेती कर अधिक से अधिक आमदनी कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि फार्म तैयार होने के बाद वे क्षेत्र के किसानों को इस विधि से खेती कैसे कर सकते हैं इसका प्रशिक्षण देकर किसानों को इस विधि से खेती करने के प्रति जागरूक करेंगे. जिससे किसान आत्मनिर्भर बन सकेंगे. वैसे भी कहा जाता है कि भारत का विकास किसानों के विकास से संभव है.







