
चाईबासा: रविवार को घाटकुड़ी आयरन माइंस रुंगटा कंपनी में बकाया राशि को लेकर झारखंड जनरल कामगार यूनियन के जिला अध्यक्ष मानसिंह तिरिया के नेतृत्व में दूसरा दिन का पदयात्रा नोवामुंडी प्रखंड के दानाऊली गांव से शुरू किया गया. जो जगन्नाथपुर होते हुए चाईबासा तक जायेगी. बताया जाता है कि पिछले 18 वर्ष से काम कर रहे मजदूरों को जबरन रिजाइन देने एवं खदान बंद होने के नाम पर काम से बैठा दिया गया है. उन मजदूरों को फुल एंड फाइनल के नाम पर 1 लाख 20 हजार तक देने का आश्वासन दिया था. अब तक मजदूरों को मात्र 50 हजार बैंक खाता द्वारा भेजा गया है और बहुत सारे मजदूरों को किसी प्रकार का राशि नहीं दी गई है.
पीएफ दिलाने के नाम पर कंपनी के ठेकेदार एवं उनके क्लर्क द्वारा 5000 से 10000 तक मजदूरों से ऐंठ लिया गया है और बोनस ,ग्रेच्युटी बड़ी मात्रा में घोटाला किया गया है. 17 -18 वर्ष जब रुंगटा कंपनी को इमानदारी पूर्वक मजदूर सेवा दिया है इतनी कम राशि लेकर क्या करेंगे. यूनियन का कहना है कि एक मजदूर में 20 लाख रुपया दे या काम पर वापस रखें. अगर ऐसे नहीं होता है तो सभी मजदूर माइंस का उत्पादन- माल को रोकेंगे. इन सारी समस्याओं को लेकर पदयात्रा करने को बाध्य हुए है. मजदूर और खदान क्षेत्र में जितने भी माईसं है उस खदानों में बेरोजगारों को रोजगार दें, वरना खदान बंद करो का नारा भी दिया गया. इस पदयात्रा के माध्यम से सहायक श्रम आयुक्त केंद्रीय चाईबासा, उपायुक्त चाईबासा, को मांग पत्र सौंपा जाएगा. मौके पर जोजोगुटू, भाईहातू,कासेयापेचा गुवा, गुवासाई, ठाकुरा, नुईया, लिपुंगा गंगदा घाटकुड़ी के 105 मजदूर पदयात्रा में शामिल हैं.







