जमशेदपुर: बहरागोड़ा थाना क्षेत्र के मौदा गांव के रहने वाले युवक को वर्क फ्रॉम होम की लुभावनी पेशकश का झांसा देकर साइबर ठगों ने 97 हजार रुपये की साइबर ठगी कर ली. ठगों ने खुद को अलग-अलग कंपनियों से जुड़े हुए एचआर और मैनेजर बताकर युवक से संपर्क साधा और कई बार में रुपये ट्रांजैक्ट करवा लिए, जब ठगों के मोबाइल नंबर बंद हो गए, तब पीड़ित को ठगे जाने का अहसास हुआ और उसने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई. उसे चार अलग-अलग नामों से संपर्क किया गया. पीड़ित विकास भारती राणा, जो मौदा गांव का निवासी है, को वर्क फ्रॉम होम का ऑफर देने के नाम पर चार अलग-अलग लोगों ने फोन किया. इन लोगों ने स्वयं को विभिन्न कंपनियों का प्रतिनिधि बताया. फोन करने वालों में एक महिला ने खुद को ‘स्नेहा’ बताते हुए कहा कि वह एचआर है. उसका मोबाइल नंबर 7455898655 है. इसके अलावा ‘श्रुति स्नेहा’ नाम की एक अन्य युवती ने भी संपर्क किया. दो अन्य फोन कॉल ‘मनोज सिंहानिया’ और ‘धर्मेंद्र तिवारी’ नामक लोगों के नाम से आए. सभी ने अलग-अलग तर्क और वर्क फ्रॉम होम में इनकम बढ़ाने का लालच देकर युवक को अपने जाल में फंसा लिया. (नीचे भी पढ़ें)
किस्तों में करवाया ऑनलाइन ट्रांजैक्शन: ठगों ने कभी प्रोसेसिंग फीस, तो कभी जॉइनिंग चार्ज के नाम पर विकास से कई बार ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करवाया. कुल मिलाकर 97 हजार रुपये अलग-अलग ट्रांजेक्शन में ठग लिए गए. ठगों ने विकास को झांसे में लेने के लिए एक फर्जी टास्क सिस्टम भी समझाया. बताया गया कि काम की शुरुआत के लिए एक ‘नॉडल एक्टिवेशन प्रोसेस’ है, जिसमें पहले कुछ रुपये जमा करने होते हैं. जैसे ही विकास इस झांसे में आता गया, ठग धीरे-धीरे बड़ी रकम ऐंठते गए. (नीचे भी पढ़ें)
फोन रिसीव होना हुआ बंद, तब टूटा भ्रम : जब विकास ने आगे की जानकारी के लिए फोन किया तो सभी नंबर स्विच ऑफ या ब्लॉक हो चुके थे. इसके बाद उसे ठगी का अहसास हुआ और उसने तुरंत बहरागोड़ा थाना पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत 20 जून को दर्ज कराई. (नीचे भी पढ़ें)
पुलिस ने शुरू की जांच: पुलिस के मुताबिक मामला गंभीर है और तकनीकी टीम को ठगों के मोबाइल नंबर व बैंक खातों की जांच में लगाया गया है. बहरागोड़ा थाना प्रभारी ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है और साइबर सेल की मदद से जल्द ही आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी. पुलिस प्रशासन की ओर से आम नागरिकों से अपील की गयी है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कॉल या मैसेज के झांसे में न आएं. विशेष रूप से जब कोई मोबाइल या सोशल मीडिया के माध्यम से नौकरी का ऑफर दे, तो पूरी तरह से पुष्टि कर लें. पीड़ित की ओर से लिखित शिकायत मिलने के बाद हमने केस दर्ज कर लिया है. इसमें साइबर अपराध से जुड़ी तमाम धाराएं लगाई गयी हैं. प्राथमिक जांच में यह संगठित ठगी का मामला प्रतीत हो रहा है. जल्द ही साइबर सेल की मदद से आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा. मैंने घर बैठे कमाई करने की सोच से यह मौका स्वीकार किया था. शुरुआत में बातचीत बहुत प्रोफेशनल थी, जिससे मुझे भरोसा हुआ. उन्होंने कहा कि मुझे एक ऑनलाइन प्रोजेक्ट करना होगा, जिसके लिए पहले कुछ प्रोसेसिंग चार्ज देना होगा. मैं धीरे-धीरे उनकी बातों में आ गया और 97 हजार रुपये गंवा बैठा अब मेरे पास कुछ नहीं बचा.



