
चाकुलिया : कोरोना वायरस के संक्रमण बिमारी के कारण सरकार ने लॉक डाउन की घोषणा की है .लॉक डाउन होने से बाजार बंद है और वाहनों का परिवहन बंद है. कोरोना जैसी संक्रमण बिमारी से जहां हर वर्ग के लोग डरे और सहमें हुए हैं वही कोरोना के कारण हुई लॉक डाउन में किसानों के समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न कर दिया है. किसानों की उपज परिवहन नही होने के कारण फसल खेत में या तो घर पर पड़े पड़े नष्ट हो रहा है. कालियाम पंचायत के मृत्युंजय मोंगराज ने बताया कि उसने पांच बीघा जमीन पर कुमड़ा की खेती की थी.
कहा कि लॉक डाउन के कारण वे अपनी सब्जी को बाजार तक नही ले जा पाये है. कहा कि घर पर ही 50 क्विंटल कुमड़ा पड़े पड़े नष्ट हो रहा है. बताया की इस वर्ष कुमड़ा की खेती करने में हुई खर्च भी नही उठा पाये है. हर वर्ष कुमड़ा की खेती से 70-80 हजार रूपये का मुनाफा होता था परंतु इस वर्ष मुनाफा तो दूर खेती करने में हुई खर्च की राशि का भी भुगतान नही हो पाया है. उन्होंने कहा कि वर्तमान में घर पर 50 क्विंटल कुमड़ा पड़े पड़े नष्ट हो रहा है इससे उन्हें 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ है. मृत्युंजय मोंगराज ने बताया कि पंचायत के कई किसान इस वर्ष लॉक डाउन होने के कारण उन्हें नुकसान हुआ है. लाक डाउन ने किसानों के समक्ष आर्थिक स्थिति उत्पन्न हो गई है.






