बहरागोड़ा : बहरागोड़ा प्रखंड क्षेत्र के पाथरी, मौदा, बनकाटा, माटिहाना, केशरदा, मुटुरखाम, पाठपुर, चिंगड़ा समेत दर्जनों पंचायत के विभिन्न गांव के खेत सिंचाई के अभाव में बंजर पड़े हुए हैं. क्षेत्र में सिंचाई की व्यवस्था नहीं है, इसके कारण किसान हर साल खेती में सिंचाई के अभाव में गरमा धान की खेती नहीं कर पाते हैं, जिससे खेत सुखा और वंजर रह जाते है. यहां के किसान भगवान भरोसे खेती करते हैं. इन पंचायतों के अधिकांश गांव के किसान खेती के लिए वर्षा पर निर्भर रहते हैं और साल में एक ही बार धान की खेती कर पाते हैं. (नीचे भी पढ़ें)
अगर सही समय पर बारिश हुई, तो खेत को जोत कर तैयार कर पाते हैं. वहीं, बारिश नहीं होने पर खेत सूखे पड़े रहते हैं. किसानों का कहना है कि जहां निजी सबमर्सिबल की व्यवस्था है, उसी जगह पर खेती हो पाती है. जिनके पास सिंचाई का साधन नहीं है, वह खेती से वंचित रह जाते हैं. क्षेत्र के किसानों ने सरकार से मांग की है कि सरकारी स्तर पर सिंचाई की व्यवस्था की जाये, ताकि किसान समय पर खेती कर लाभान्वित हो सकें.



