गालूडीह: घाटशिला एवं आसपास के क्षेत्र के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ गया. पानी नर्सिंग होम, मेन रोड, घाटशिला में सारदा नेत्रालय की नई शाखा का शुभारंभ गुरुवार को वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूजा-अर्चना के बीच हुआ. उद्घाटन रामकृष्ण मठ के स्वामी नटराजन महाराज ने फीता काटकर किया. इस अवसर पर बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य नागरिक, चिकित्सक, शिक्षाविद्, सामाजिक कार्यकर्ता एवं पत्रकार उपस्थित रहे. कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाचरण एवं पूजा-अर्चना से हुई. स्वागत भाषण देते हुए डॉ नीतीश आर भारद्वाज ने क्षेत्र में बढ़ रही नेत्र समस्याओं पर चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि बच्चों की बदलती जीवनशैली, अत्यधिक मोबाइल एवं स्क्रीन के उपयोग के कारण नेत्र संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. उन्होंने अभिभावकों एवं शिक्षकों से समय-समय पर नेत्र परीक्षण कराने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की. स्वामी उमाकांत महाराज ने कहा कि सेवा और समर्पण की भावना से संचालित यह संस्थान जनस्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा तथा समाज को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा उपलब्ध कराएगा. वरिष्ठ समाजसेवी तापस चटर्जी ने विश्वास व्यक्त किया कि सारदा नेत्रालय अन्य संस्थानों से अलग धैर्य, संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों के साथ मरीजों की सेवा करेगा. (नीचे भी पढ़ें)

घाटशिला कॉलेज के प्राचार्य डॉ आरके चौधरी ने कहा कि अनुभवी चिकित्सकों और आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित यह नेत्रालय क्षेत्र की लंबे समय से महसूस की जा रही आवश्यकता को पूरा करेगा. अब स्थानीय स्तर पर ही नेत्र रोगों की जांच, परामर्श एवं विभिन्न प्रकार की सर्जरी की सुविधा उपलब्ध होगी. शिक्षाविद् प्रो मित्रेश्वर अग्निमित्र ने कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए केवल दृष्टि ही नहीं, बल्कि सही दृष्टिकोण भी आवश्यक है. उन्होंने कहा कि विज्ञान जहां एक ओर विनाश का कारण बन सकता है, वहीं चिकित्सा विज्ञान मानव जीवन को सुरक्षित और स्वस्थ बनाने का महान कार्य करता है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मां सारदा के नाम पर स्थापित यह संस्थान सेवा, करुणा और मानवता के आदर्शों को आगे बढ़ाएगा. सारदा नेत्रालय के निदेशक डॉ नितिन जी धीरा ने कहा कि यदि समय रहते जागरूकता नहीं बढ़ाई गई तो आने वाले वर्षों में बच्चों में मायोपिया (निकट दृष्टिदोष) गंभीर चुनौती बन सकता है. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने नियमित नेत्र परीक्षण, संतुलित जीवनशैली और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह को अत्यंत आवश्यक बताया. इस अवसर पर जयंत उपाध्याय, आनंद अग्रवाल, साधु चरण पाल तथा डॉ एसपी मंडल ने भी अपने विचार व्यक्त किए. कार्यक्रम का सफल संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन सारदा नेत्रालय के एडमिनिस्ट्रेशन हेड डॉ अनुराग ने किया. कार्यक्रम की सफलता में ब्रज किशोर दाश एवं प्रताप अधिकारी की विशेष भूमिका रही. इस अवसर पर उमेश प्रसाद, इंदल पासवान, अनीता अग्रवाल, दीपक सिन्हा, जिला परिषद सदस्य देवयानी मुर्मू, मुखिया पार्वती मुर्मू, शिवरतन अग्रवाल, निर्मल झुनझुनवाला, साधना पाल, अनूप पटनायक, सत्य रंजन दत्ता, सुबोध सिंह, राकेश शर्मा, उज्ज्वल सिन्हा, प्रवीर डे, आभा सिन्हा सहित बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य नागरिक एवं पत्रकार उपस्थित रहे. कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों ने घाटशिला में विश्वस्तरीय एवं आधुनिक नेत्र चिकित्सा सेवाओं की शुरुआत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि सारदा नेत्रालय क्षेत्र के लोगों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं विश्वसनीय नेत्र चिकित्सा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.




