
चाकुलिया : चाकुलिया प्रखंड की सरडीहा पंचायत के दक्षिणशोल, डुमुरडीहा, बांकशोल और बनकाटी गांव के किसानों ने इस वर्ष पहली बार लगभग 200 एकड़ जमीन पर गरमा धान की खेती की है. गांव के किसान नारायण हांसदा, समाय हांसदा, भादो सोरेन, दुर्गा सोरेन, जतिन बेरा, बोदेन मांडी, चुनीलाल बेरा, दिनेश हांसदा, देवनाथ मांडी समेत अन्य किसानों ने बताया कि विगत एक वर्ष से ग्रामीण कोरोना संक्रमण के कारण बेरोजगार है और ग्रामीण आर्थिक समस्या से जूझ रहे हैं. कहा कि आर्थिक समस्या के निराकरण के लिए इस वर्ष गांव के कई किसान पहली बार इस वर्ष गरमा धान की खेती की है. कहा कि किसान किसी तरह दो- तीन बिजली मोटर के भरोसे 200 एकड़ जमीन पर गरमा धान की खेती की है और फसल भी तैयार हो गया है. फसल में धान की बालियां भी आने लगी है परंतु विगत 10-15 दिनों से क्षेत्र में लचर बिजली व्यवस्था से किसानों के समक्ष फसल की सिंचाई को लेकर संकट उत्पन्न हो गई है. किसानों ने कहा कि सही ढंग से बिजली नही मिलने के कारण किसानों को सिंचाई को लेकर चिंता सताने लगी है.
किसानों ने कहा कि अगर बिजली व्यवस्था में सुधार नही हुआ तो किसानों की मेहनत पर पानी फिर जाएगा. किसानों ने कहा कि बिजली सही ढंग से मिले तो वे बिजली के सहारे पम्प चलाकर अपनी फसल की सिंचाई कर फसल को बचा पाएेगे. किसानों ने बिजली विभाग के पदाधिकारियों से आग्रह किया है कि सरडीहा पंचायत में बिजली की सप्लाई सुचारु रूप से दे ताकि किसान बिजली के सहारे पम्प चलाकर अपनी फसल की सिंचाई कर सके. किसानों ने कहा कि इस वर्ष हुई फसल से प्रभावित होकर और भी किसान प्रेरित होंगे और अगले वर्ष क्षेत्र में गरमा धान की खेती करने के प्रति जागरूक होंगे. किसानों ने कहा कि इस वर्ष कोरोना के कारण हुई परेशानी से उबरने के लिए गांव के किसानों ने हजारों रूपये खर्च कर गरमा धान की खेती की है अगर बिजली की सप्लाई नही मिली तो किसानों के मेहनत पर पानी फिर जाएगा और किसान उधार के बोझ के नीचे दब जाएंगे.




