जादूगोड़ा: यूसिल एसटी कर्मचारी संघ व यूसिल प्रबंधन के बीच जादूगोड़ा कॉन्फ्रेंस रूम में कंपनी में आदिवासी कर्मचारी के हितों की रक्षा, उसके उत्थान, विकास, रोजगार समेत कैसे यूसिल की तरक्की में एसटी कर्मचारी भागीदार बनने को लेकर दोनों पक्षों के बीच अहम बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता यूसिल के उपमहाप्रबंधक राकेश कुमार ने की. इधर बैठक के बाद यूसिल अनुसूचित जनजाति कर्मचारी संघ के सचिव डी हांसदा ने कहा कि पूरे झारखंड ने आदिवासी कर्मचारियों को हितों की रक्षा के लिए यूसिल में पहला अनुसूचित जनजाति कर्मचारी संघ का गठन किया गया है. उसके हितों की रक्षा, यूसिल की कॉर्पोरेट सामजिक दायित्व के तहत कंपनी से विस्थापित गांव में विकास को गति देना, आदिवासी बहुल विस्थापित गांव कैसे उसका हक व अधिकार मिले जिसको लेकरसंघ की ओर से यूसिल प्रबंधन को 20 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया, जिसमें तीन माह में बैठक आयोजित करने, बैठक की प्रगति रिपोर्ट सौंपने, यूसिल द्वारा संचालित परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय में शैक्षणिक सुधार समेत आदिवासी कर्मचारियों के हितों, उसके कल्याण, मृतक यूसिल विस्थापितों के रोजगार, कंपनी को बचाने में संघ का योगदान पर चर्चा की गयी. (नीचे भी पढ़ें)
बिना ठोस साक्ष्य के आदिवासी कर्मचारी उत्पीड़न की शिकायत पर संघ ने पीड़ित आदिवासी कर्मचारी का सहारा बनाने का घोषणा की है ताकि उनके हितों का रक्षा हो सके. बागजाता माइंस से जादूगोड़ा माइंस में सेवा दे रहे बरियार टुडू का दो दिन पंचिंग रोके जाने पर चिता जाहिर की तथा कहा कि संघ इस मामले को लिखित शिकायत मिलने गंभीरता से लेगा. बैठक में जादूगोड़ा ग्रुप ऑफ माइंस एजेंट मनोरंजन महाली, प्रबंधक डी हांसदा, मनोरंजन महाली, श्रीजन टुडू, दामू नायक, हीरा टुडू, शखो मुर्मू, सुरजीत सोरेन, जितराई सोरेन, सुधीर मुंडा, फागु मार्डी, सुनील दिग्गी, भारत लाल किस्कू, रिंचू माझी, साहेब हांसदा, सोमराज सोरेन, गुरचरण हांसदा, मानिक मुर्मू, मंगल टुडू, लखन टुडू, लखन मार्डी ने भाग लिया.







