गालूडीह: गालूडीह क्षेत्र के उल्दा गांव में सैकड़ों वर्षो से ग्रामीणों के सहयोग पहाड़ पूजा की जाती है. इस वर्ष भी उल्दा पहाड़ में रविवार को पूजा के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी. गालूडीह के आस पास क्षेत्र के अलावा दूर दराज से लोगों ने पहाड़ देवता के पूजा करने पहुंचे. भूमिज पुजारी बीरेंद्र सिंह ने परंपरा के नियम अनुसार पूजा-अर्चना की. ऐसी मान्यता है कि पहाड़ की पूजा करने से देवता खुश होकर क्षेत्र में अच्छी बारिश कराते हैं. वर्षों से किया जा रहा यह पूजा आषाढ़ मास के तीसरे रविवार को की जाती है. पूजा समाप्ति के बाद ही लोग अपने घर मे चूल्हा जलाते है. बताया जाता है कि उल्दा पहाड़ की पूजा सैकड़ों वर्ष पूर्व भूमिज समाज द्वारा शुरू किया गया है. (नीचे भी पढ़े)

वर्तमान समय मे भी भूमिज पुजारी द्वारा परंपरागत पूजा करते है. मान्यता है कि पहाड़ी देवता से मांगा गया मन्नते अवश्य पूरी होती है. मन्नत पूरे होने पर श्रद्धालु पशु-पक्षी आदि का चढ़ावा चढ़ाते है. इस संबंध में आयोजन समिति के सदस्य लाल मोहन सिंह ने बताया कि हमारे पूर्वजो द्वारा शुरू उल्दा पहाड़ पूजा ग्रामीणों के सहयोग से विधिवत किया जाता है. पूजा को लेकर गांव में तीन दिन तक कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया है. पूजा को सफल बनाने में ग्राम प्रधान छोटू सिंह, गौरमोहन सिंह, नारायण सिंह, हीरालाल गोराई, इंद्रजीत सिंह, कैलाश सिंह, वृहस्पति गोराई, बादल गोराई, जगदीश सिंह, सुधांशु गोराई, गोपाल सिंह आदि शामिल थे.



