
जमशेदपुर : जमशेदपुर के सामाजिक कार्यकर्ता कपूर बागी (टुडू) और बिजेंद्र शर्मा ने साकची ठाकुरबाड़ी राधा कृष्ण सार्वजनिक मंदिर के एक हिस्से में सत्यनारायण मारवाड़ी ठाकुरबाड़ी मंदिर निर्माण करने के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर दी है. इस मामले में झारखंड उच्च न्यायालय में जमशेदपुर के पूर्व डीसी अमित कुमार, जमशेदपुर अक्षेस के पूर्व विशेष पदाधिकारी और वर्तमान में मानगो नगर निगम के कार्यपालक पदाधिकारी दीपक सहाय, सत्यनारायण ठाकुर बाड़ी ट्रस्ट और बजरंग दल के तथाकथित सदस्यों कमल अग्रवाल, प्रमोद कुमार अग्रवाल, मनोज कुमार अग्रवाल, ओम प्रकाश अग्रवाल, बजरंग लाल अग्रवाल, नरेश कुमार सांगी आदि के खिलाफ ठाकुरबाड़ी राधा कृष्ण सार्वजनिक मंदिर के एक हिस्से पर अवैध कब्जा कर सत्यनारायण मारवाड़ी ठाकुरबाड़ी मंदिर निर्माण और उसके उपर चार तल्ले का गेस्ट हाउस, शौचालय आदि का निर्माण कर राधा कृष्ण मंदिर की पवित्रता को नष्ट करने करने का आरोप लगाते हुए एक जनहित याचिका दाखिल किया है, जिसकी रिट संख्या 3866/2020 है. रिट में कहा गया है कि ठाकुरबाड़ी स्थित उक्त राधा कृष्ण मंदिर एक आदिवासी जमीन पर बना एक सार्वजनिक मंदिर है जिसे बकायदा पटना उच्च न्यायालय ने अपने 14 मई 1976 के आदेश में उसे सार्वजनिक मंदिर घोषित किया है जिसका विवरण (AIR 1977 Pat 23) में है परन्तु राजनीतिक संरक्षण, प्रशासनिक मिलीभगत और गुंडागर्दी द्वारा बजरंग दल के उन तथाकथित सदस्यों ने सत्यनारायण मारवाड़ी ठाकुरबाड़ी के नाम से उसी सार्वजनिक मंदिर के पता पर फर्जी ट्रस्ट बनाकर जमशेदपुर के डीसी रहे अमित कुमार, जेएनएसी के पूर्व स्पेशल ऑफिसर दीपक सहाय एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों और जिला पुलिस की मिलीभगत से बलात कब्जा कर गैरकानूनी और गैरवाजिब अवैध निर्माण कर उसका व्यक्तिगत लाभ के लिए उपयोग कर रहे हैं. रिट में आगे कहा गया है कि राधाकृष्ण सार्वजनिक मंदिर की उक्त जमीन आदिवासी भूमि होने की वजह से न तो वह टाटा स्टील की तथाकथित लीज भूमि का हिस्सा है और न ही वह स्थानांतरित करने योग्य भूमि है. पटना उच्च न्यायालय के आदेशानुसार उक्त जमीन की मिल्कियत भगवान कृष्ण की मूर्ति के पास है. अतः सत्यनारायण मारवाड़ी ठाकुरबाड़ी का वह निर्माण न केवल अवैध है बल्कि राधाकृष्ण सार्वजनिक मंदिर का घोर अपवित्रीकरण भी है. रिट में आगे बताया गया कि ऐसा प्रतीत होता है कि एक बड़ी साजिश के तहत उक्त राधाकृष्ण सार्वजनिक मंदिर पर अवैध कब्जा किया गया है क्योंकि दस्तावेजों से प्रतीत होता है कि झारखंड राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के एक सदस्य राजीव रंजन प्रसाद की मिलीभगत से उक्त सत्यनारायण मारवाड़ी ठाकुरबाड़ी ट्रस्ट को राधाकृष्ण ठाकुरबाड़ी के पते पर न केवल पंजीकृत कराया गया बल्कि उक्त नये मंदिर की प्राणप्रतिष्ठा में तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास सहित तत्कालीन उपायुक्त अमित कुमार, जो उक्त मंदिर के खुद संरक्षक थे, शामिल हुए थे. रिट में आगे कहा गया है कि जमशेदपुर, अधिसूचित क्षेत्र समिति ने सूचना अधिकार कानून के तहत मांगे गये सूचना के तहत उपलब्ध करायी गयी सूचना में साफ-साफ कहा कि अधिसूचित क्षेत्र समिति ने उक्त अवैध निर्माण की कोई अनुमति नहीं दी है. हालांकि समिति ने पूछने पर भी यह नहीं बताया कि जब वह अवैध निर्माण हो रहा था तब अधिसूचित क्षेत्र समिति ने उसे रोकने की कोई कोशिश क्यों नहीं की. रिट में आगे कहा गया कि सरकार और प्रशासन के पास लगातार आवेदन देने के बाद भी उक्त अवैध कब्जा हटाने की कोई कोशिश नहीं की गयी. रिट में यह प्रार्थना की गयी है कि उक्त अवैध निर्माण को तोड़कर राधाकृष्ण सार्वजनिक मंदिर की पुरानी स्थिति को बहाल किया जाये, मंदिर के नुकसान की क्षतिपूर्ति करवायी जाये और समूचे षड्यंत्र की जांच करवाकर तत्कालीन उपायुक्त अमित कुमार, तत्कालीन स्पेशल ऑफिसर, जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति दीपक सहाय, झारखंड राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के सदस्य राजीव रंजन प्रसाद सहित तमाम षड्यंत्रकारियों के खिलाफ फौजदारी मुकदमा दर्ज करवाया जाये.






