जमशेदपुर: विद्यालयी शिक्षा को नई दिशा देते हुए गुलमोहर हाई स्कूल ने गुलमोहर स्टार्टअप स्टूडियो – एंटरप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन प्रोग्राम 2026 का शुभारंभ किया. यह झारखंड में अपनी तरह की पहली विद्यालय आधारित पहल है, जहां विद्यार्थियों को केवल उद्यमिता का सैद्धांतिक ज्ञान नहीं दिया जाएगा, बल्कि उन्हें वास्तविक स्टार्टअप स्थापित करने और संचालित करने का व्यावहारिक अनुभव भी कराया जाएगा. इस अभिनव कार्यक्रम की परिकल्पना एवं नेतृत्व विद्यालय की प्राचार्या प्रीति सिन्हा ने किया है. नई शिक्षा नीति (एनइपी 2020) की भावना के अनुरूप तैयार किया गया यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में उद्यमशील सोच, नवाचार, रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता, वित्तीय साक्षरता, समस्या-समाधान, डिज़ाइन थिंकिंग तथा निर्णय क्षमता का विकास करेगा. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल रोजगार खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाना है. गुलमोहर स्टार्टअप स्टूडियो की सबसे बड़ी विशेषता इसका अनूठा स्कूल एलुमनी कोलाबोरेशन मॉडल है. इस पहल के अंतर्गत विद्यालय के सफल एवं प्रतिष्ठित पूर्व छात्र स्वयं विद्यार्थियों के मेंटर बनकर उन्हें मार्गदर्शन देंगे. उद्योग जगत के विशेषज्ञ, सफल उद्यमी, निवेशक और स्टार्टअप संस्थापक समय-समय पर विद्यार्थियों के साथ संवाद करेंगे, जिससे उन्हें वास्तविक उद्योग जगत का अनुभव प्राप्त होगा. (नीचे भी पढ़ें)

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्राचार्या प्रीति सिन्हा, उप-प्राचार्या अर्चना श्रीवास्तव, शिक्षकगण, छात्र-छात्राओं तथा विद्यालय के प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ. प्रारंभिक सत्र को संबोधित करते हुए प्रीति सिन्हा ने विद्यार्थियों को उद्यमिता की मूल अवधारणाओं, स्टार्टअप संस्कृति, नवाचार, डिज़ाइन थिंकिंग तथा भविष्य में उपलब्ध संभावनाओं से परिचित कराया. उन्होंने कहा कि आज के समय में उद्यमिता केवल व्यवसाय प्रारंभ करना नहीं, बल्कि समस्याओं की पहचान कर उनके अभिनव समाधान विकसित करना, जोखिम उठाने का साहस रखना और समाज के लिए मूल्य का सृजन करना है. (नीचे भी पढ़ें)

उन्होंने कहा कि गुलमोहर स्टार्टअप स्टूडियो केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक ऐसा आंदोलन है जो विद्यार्थियों को सपने देखने, नवाचार करने और उन्हें वास्तविक उद्यम में बदलने का अवसर देगा. हमारा उद्देश्य ऐसे युवाओं को तैयार करना है जो भविष्य में शार्क टैंक जैसे राष्ट्रीय मंचों पर अपने विचारों के साथ आत्मविश्वास से खड़े हों, सफल स्टार्टअप स्थापित करें और समाज के लिए रोजगार तथा अवसरों का सृजन करें. इस पहल की सबसे बड़ी शक्ति हमारे पूर्व छात्र हैं, जो अपने अनुभव और विशेषज्ञता के माध्यम से अगली पीढ़ी के उद्यमियों का मार्गदर्शन करेंगे. कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वर्ष 1996 के पूर्व छात्र सह बुक माई जेट के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी संतोष शर्मा थे. बुक माइ जेट भारत का निजी जेट एवं हेलीकॉप्टर सेवाओं के लिए पहला तकनीकी प्लेटफ़ॉर्म है. अर्थशास्त्र में स्वर्ण पदक विजेता तथा आईआईटी बॉम्बे एवं टी-हब से जुड़े स्टार्टअप मेंटर श्री शर्मा ने गुलमोहर स्टार्टअप स्टूडियो के फाउंडिंग मेंटर के रूप में विद्यार्थियों को संबोधित किया.
उन्होंने कहा कि एक सफल उद्यमी वही होता है जो जिज्ञासु हो, प्रश्न पूछने से न डरे, चुनौतियों का डटकर सामना करे और असफलताओं से सीखते हुए आगे बढ़े. हर असफलता सफलता की दिशा में एक नया अवसर होती है. कार्यक्रम में युवा पूर्व छात्र आशुतोष (बैच 2026) ने अपने अनुभव साझा किए, जबकि वैभव कर्ण (बैच 2024), जो वर्तमान में बीआईटी सिंदरी में अध्ययनरत हैं, ने तकनीकी शिक्षा के साथ उद्यमशील सोच के महत्व पर अपने विचार रखे. (नीचे भी पढ़ें)
विद्यालय के पूर्व छात्रों ने इस पहल की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए विद्यार्थियों के लिए निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग का संकल्प लिया. इस अवसर ने यह संदेश दिया कि विद्यालय और उसके पूर्व छात्र मिलकर आने वाली पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकते हैं. कार्यक्रम के अंतर्गत प्रारंभ किया गया पहला स्टार्टअप हैंडक्राफ्टेड एंड स्टेनेबल ज्वेलरी पर आधारित है, जिसे संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों की भावना के अनुरूप तैयार किया गया है. इस परियोजना के माध्यम से विद्यार्थी विचार निर्माण, उत्पाद डिज़ाइन, ब्रांडिंग, मूल्य निर्धारण, विपणन, ग्राहक संवाद, वित्तीय योजना और बिक्री तक उद्यमिता की सम्पूर्ण प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे. साथ ही वे सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण और उत्तरदायी व्यवसाय के सिद्धांतों को भी व्यवहार में सीखेंगे. यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में रचनात्मकता, नेतृत्व, टीमवर्क, वित्तीय साक्षरता, संवाद कौशल, नवाचार, समस्या-समाधान, निर्णय क्षमता तथा सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे 21वीं सदी के महत्वपूर्ण कौशल विकसित करेगा. कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला. विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, पूर्व छात्रों और उद्योग विशेषज्ञों के सहयोग से गुलमोहर स्टार्टअप स्टूडियो न केवल झारखंड, बल्कि देश में विद्यालय स्तर पर उद्यमिता शिक्षा का एक प्रेरणादायी मॉडल बनने की दिशा में अग्रसर है. गुलमोहर हाई स्कूल ने इस अभिनव पहल के माध्यम से यह संदेश दिया है कि आने वाले समय के विद्यालय केवल शिक्षा के केंद्र नहीं होंगे, बल्कि नवाचार, नेतृत्व और उद्यमिता की प्रयोगशालाएं बनेंगे, जहां से भविष्य के उद्योगपति, स्टार्टअप संस्थापक और परिवर्तनकारी नेता तैयार होंगे.







