जमशेदपुर : जुगसलाई स्थित श्री राजस्थान शिव मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन, गुरुवार को प्रवचनकर्ता विनय कांत त्रिवेदी ने आज के कथा प्रसंग में अपने प्रवचन शुरू करने से पूर्व भगवान् का मंगलाचरण कराया. तत्पश्चात बाल लीला ओर गोवर्धन पूजा के प्रसंग में आगे बढते हुए कहा कि पितृवंश को संतुष्ट ओर प्रसन्न रखें सर्व, सिद्धी प्राप्त होगी. उन्होंने कहा कि ब्राह्मण यदि सच्चे मन से विधि-विधान से आनुष्ठान करें तो अनुष्ठान सफल हो जाता है, जो जितना दान पुण्य में लुटा देता है, भगवान् उसका दुगना कर वापस कर देते हैं, दान ऐसा करो, जो उपयोगी हो. (नीचे भी पढ़ें)

आचार्य त्रिपाठी ने कहा कि इरादे तो रोज बनते हैं, वृंदावन वो ही जाता है जिसे बिहारी जी बुलाते हैं. मूर्ति को पत्थर मत समझो, उसमें भी भगवान् होते हैं. नंदलाल बाल कृष्ण के दर्शन करने के लिए भगवान् शंकर कैसे मदारी का रूप बनाकर नंद भवन पंहुचे ओर कैसे भगवान् श्रीकृष्ण के दर्शन किये, उसका वृतान्त भी उन्होंने विस्तार से बताया. (नीचे भी पढ़ें)

आज की कथा में पूतना, सूर्पणखा एवं श्री बिहारी लाल जी की लीलाओं का भी वर्णन हुआ. आज के कथा प्रसंग के अनुसार भगवान् श्रीकृष्ण की विविध बाल लीलाओं को, श्री गोवर्द्धन पूजा की कथा को आत्यंत प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया. उधर कथा के माध्यम से श्री कृष्ण की झांकी, दही हांडी फोड़टने के भव्य उत्सव के माध्यम से प्रस्तुत किया गया. आचार्यजी ने ब्यासपीठ से गिरिराज की पूजा का अर्थ भी बताया और गिरिराज की भव्य झांकी प्रस्तुत करने के साथ भक्तों के बीच छपन्न भोग का वितरण भी किया गया. (नीचे भी पढ़ें)
आज की कथा में वीशिष्ट रूप से जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय, रमेश अग्रवाल मेंगोतिया, अनिल अग्रवाल मेंगोतिया, राजेश पसारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य श्रद्धालु शामिल हुए. आज की कथा को सफलता पूर्वक संपन्न कराने में छीतरमल धूत, अरुण अग्रवाल, दीपक अग्रवाल रामुका, सांवरलाल शर्मा, कमल किशोर अग्रवाल, विश्वनाथ शर्मा, पवन काबरा, पवन सिंगोदिया, मुरली शर्मा, मुकेश शर्मा एवं अन्य सदस्य सक्रिय रहे.




