
जमशेदपुर : साकची स्थित गुरुद्वारे में शहर की सिख संगत,”नया साल, गुरु दे नाल” परंपरागत तरीके मनाया जाएगा. जिसमें कोल्हान की संगत को यह पवित्र अवसर पर सिख जत्थेबंदी, गुरु नानक सेवा दल देता है और उसे बीर खालसा सेवा दल के साथ कई पंथी संस्थाएं सहयोग प्रदान करती हैं. आज सुबह साकची गुरुद्वारा में श्री अखंड पाठ रखा गया है जिसका समापन 31 दिसंबर शुक्रवार की सुबह नौ बजे होगा और उसके उपरांत सुबह एवं शाम रहरास पाठ के बाद मध्य रात्रि तक कीर्तन दरबार सजेगा तथा दोपहर में गुरु का अटूट लंगर खिलाया जाएगा. कार्यक्रम में शामिल होने के लिये पंजाब अमृतसर से साहब बूटा सिंह का जत्था एवं प्रचारक सरदार भूपेंद्र सिंह बाज के साथ हजूरी रागी सरदार धर्मेंद्र सिंह का जत्था कीर्तन गायन, शब्द विचार एवं गुरु इतिहास को रखेंगे. (नीचे भी पढ़ें)
श्री अखंड पाठ में सरदार मनमोहन सिंह, सरदार हरबीर सिंह भाटिया, परमजीत सिंह काले, चरणजीत सिंह, पप्पी बाबा, तरविंदर सिंह पोली आदि ने हाजिरी दी. गुरु नानक सेवादल के मुख्य सेवादार सरदार हरविंदर सिंह मंटू ने कहा कि संगत को पिछले कई सालों से गुरु की गोद में नया साल की शुरुआत का मौका मिलता रहा है. सभी यहां गुरु ग्रंथ साहब जी महाराज का शुकराना अदा करने को अपना फर्ज समझते हैं। इसमें सरबत के भले (विश्व मंगल कामना) की अरदास होती है. गुरु घर के प्रेमी संगत के भावना के मद्देनजर ही यह कार्यक्रम हो रहा है और कोविद गाइडलाइंस का पूरी तरह से पालन किया जाता है. सरदार हरविंदर सिंह मंटू ने शहर की सभी गुरुद्वारा समिति के प्रधान एवं संगत से तन मन धन से सहयोग करने तथा गुरु घर में हाजिरी भरने की अपील की है.




