जमशेदपुर : गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, सोनारी की ओर से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पहले प्रकाश उत्सव के अवसर पर 12 एवं 13 सितंबर को सोनारी गुरुद्वारा साहिब में दो दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा. शनिवार और रविवार को आयोजित होने वाले इस समारोह में काफी संख्या में संगत शामिल होंगे. उक्त जानकारी आज गुरुद्वारा परिसर में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में प्रधान बलबीर सिंह एवं चेयरमैन गुरुदयाल सिंह ने दी. उन्होंने बताया कि समारोह के दौरान श्री दरबार साहिब अमृतसर के हजूरी रागी जत्थे सहित शहर के विभिन्न रागी, कीर्तनकार, कथावाचक और ढाडी जत्थे गुरबाणी कीर्तन एवं धार्मिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे. दोनों दिन धार्मिक कार्यक्रमों के समापन के बाद संगत के लिए गुरु का अटूट लंगर बरतेगा.(नीचे भी पढ़े)

श्री सिंह ने बताया कि कार्यक्रम में भाई करमजीत सिंह (हजूरी रागी श्री दरबार साहिब), भाई अमृतपाल सिंह मनन (तरनतारन), भाई अमरिंदर सिंह तलब (ढाडी जत्था पटियाला वाले), भाई रामप्रीत सिंह (हजूरी रागी जत्था, सोनारी) तथा रविंदर कौर (संगत टीचर, अकाल गुरमत संगीत अकादमी, सोनारी) सहित अन्य धार्मिक वक्ता अपनी सेवाएं देंगे. उन्होंने बताया कि शनिवार, 12 सितंबर को श्री अखंड पाठ साहिब की समाप्ति के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होगी. इसके बाद कीर्तन, कथा एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. रविवार, 13 सितंबर को भी सुबह से गुरबाणी कीर्तन, कथा और ढाडी वारों का आयोजन होगा. कार्यक्रम के दौरान संगत को गुरु ग्रंथ साहिब जी की शिक्षाओं और गुरबाणी से जुड़ने का अवसर मिलेगा. इसी दिन क्षेत्र के विधायक सरयु राय बतौर अतिथि शामिल होंगे एवं गुरु का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे. पत्रकार सम्मेलन में उपरोक्त पदाधिकारियों के अलावा सुखविंदर सिंह, जगदीप सिंह बबलू, मंजीत सिंह, हरभजन सिंह बेदी, अमरजीत सिंह, सुरजीत सिंह, बलदेव सिंह, सतवीर सिंह सग्गू, सजिन्दर सिंह मंगू, गुरुचरण सिंह, हरजीत सिंह आदि मौजूद थे.(नीचे भी पढ़े)
21 को पूरा होगा एक वर्ष का कार्यकाल, बढ़ाई गई कई सुविधाएं: सोनारी गुरुद्वारा कमिटी के पदाधिकारियों ने बताया कि आगामी 21 सितंबर को उनका एक वर्ष का कार्यकाल पूरा हो जाएगा. इस दौरान गुरुद्वारा में कई सौंदर्यीकरण व संगत की सुविधा के लिए इंतज़ाम किये जा रहे हैं. इसके तहत दरबार हॉल (लगभग 4000 वर्गफीट) में कारपेट बिछाया जा रहा है. यहां रोटी बनाने की मशीन लगाई गई है, परिसर स्थित लाइब्रेरी को पुनः संचालन शुरू किया गया है. यहां गुरुमुखी, हिंदी व अंग्रेजी की कई धार्मिक पुस्तकें है. दरबार हॉल में 2 बड़े बड़े एलसीडी लगाई गई है तथा शव वाहन व शव रखने की मशीन भी लोगों के लिए उपलब्ध है.




