
जमशेदपुर : जमशेदपुर और आसपास आत्महत्या का सिलसिला ऐसा चल निकला है कि रुकने का नाम नहीं ले रहा है. यह शहर देश की सुसाइड राजधानी बनने की ओर अग्रसर हो चुकी है. इसका उदाहरण साफ तौर पर देखा जा सकता है. जमशेदपुर और आसपास के इलाके में कुल 9 लोगों ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में आत्महत्या कर ली. किसी ने फांसी लगायी तो किसी ने नदी में छलांग लकगाकर आत्महत्या कर ली. किसी ने जहर खाकर अपनी जान दे दीं. बढ़ती आत्महत्या की घटना जमशेदपुर के स्टील सिटी को सुसाइड सिटी के रुप में तब्दील करते जा रहा है. इसको लेकर हर वर्ग को सोचने की जरूरत है. (नीचे पढ़ें पूरी खबर)
केस 1- जमशेदपुर के सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के विजयनगर के भाड़े के मकान में रहने वाले 55 वर्षीय टाटा मोटर्स का ठेका कर्मचारी संजय साहा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. वह काफी दिनों से तनाव में था. एक सप्ताह पहले उसको नौकरी से निकाला गया था. वह इसको लेकर ही तनाव में था.
केस 2- जमशेदपुर के कदमा रामनगर निवासी 36 वर्षीय मनीष कुमार सिंह ने पंखा के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. उसके पिता राजेश सिंह ने बताया कि बेटा किस बात को लेकर तनाव में था, वह नहीं जानते है.
केस 3- परसुडीह थाना क्षेत्र के कीताडाह निवासी दीपक चौधरी की 39 वर्षीय पत्नी पूनम चौधरी ने अपने घर में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. पारिवारिक तनाव के कारण उसने फांसी लगायी, ऐसा जानकारी दी गयी.
केस 4- मानगो गौड़ बस्ती कृष्णानगर निवासी विनय कुमार के 21 वर्षीय पुत्र रोशन कुमार ने घर की खिड़की में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. उसकी मां कोर्ट में काम करती है. बताया जाता है कि घर पर कोई नहीं था, तब उसने आत्महत्या कर ली. (नीचे भी पढ़ें)
केस 5- बोड़ाम थाना क्षेत्र के रहने वाले 20 वर्षीय विशाल मुर्मू ने अपने घर में फांसी लगा ली. उसके पिता चैतन्य मुर्मू ने कहा कि बेटा पढ़ाई को लेकर तनाव में रहता था, जिस कारण उसने सुसाइड कर लिया.
केस 6- बागबेड़ा रानीडीह आंगनबाड़ी केंद्र के पास रहने वाले चिरंजीवी प्रजापति की 46 वर्षीय पत्नी मंजू देवी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. परिजनों ने बताया कि पारिवारिक विवाद के बाद उसने आत्महत्या कर ली.
केस 7- सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर में अपने मामा के घर पर रहने वाले खगड़िया निवासी बबलू चौधरी के 17 वर्षीय बेटे विध्यांशु कुमार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. वह इंडो डेनिस टूर रुम में पढ़ाई करता था. उसने अपने मामा के घर में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.
केस 8- पोटका के पास कोवाली थाना क्षेत्र निवासी 50 वर्षीय फकरो आलम ने तालाब में डूबकर जान दे दी. परिजनों ने बताया कि वह नशे में धुत होकर घुमता था. उसको फटकार लगाने के बाद तालाब में चला गया, जिससे उनकी मौत हो गयी.
केस 9- सरायकेला-खरसावां के आदित्यपुर निवासी 16 वर्षीय रिया कुमारी ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली. वह दो दिनों पहले जहर खाने के बाद जमशेदपुर के परसुडीह स्थित सदर अस्पताल में इलाज कराने के लिए भर्ती हुई थी, जहां उनकी इलाज के दौरान मौत हो गयी.



