जमशेदपुर : स्वावलंबी भारत अभियान की दो दिवसीय कार्यशाला शनिवार को बिष्टुपुर तुलसी भवन में आरंभ हुई. स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय संघर्ष वाहिनी प्रमुख अन्नदा शंकर पाणिग्रही ने मख्य वक्ता के रूप में शिविर का विधिवत उद्घाटन किया, जबकि इस अवसर पर अतिथि के रूप में मंच के सह संघर्ष वाहिनी प्रमुख अरुण ओझा, लघु उद्योग भारती के झारखंड प्रांतीय अध्यक्ष हंसराज जैन, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता सरोज सिंह, वनवासी कल्याण आश्रम के क्षेत्रीय ग्राम विकास प्रमुख राघव राणा भी उपस्थित रहे. (नीचे भी पढ़ें)

इस अवसर पर अन्नदा शंकर पाणिग्रही जी ने कहा कि आज से लगभग 700-800 वर्ष पहले हमारा देश सोने की चिड़िया था. देश के हर युवा के हाथ में काम था. इन 800 वर्षों में ऐसा क्या हो गया कि आज हम बेरोजगारी जैसी गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं. ये समस्याएं गलत आर्थिक नीतियों की वजह से एवं हमारे नौकरी पाने वाली मानसिकता की वजह से खड़ी हुईं.(नीचे भी पढ़ें)

हम उद्यमिता में अपने बच्चों को आगे नही बढ़ा पये, एक वजह ये भी है कि हमने स्वरोजगार की तुलना में नौकरी करने वालों को ज्यादा सम्मान दिया. नतीजा धीरे-धीरे हमारे अभिभावक अपने बच्चों को नौकरी की ओर जाने के लिए प्रोत्साहित करने लगे. हमे ऐसा माहौल बनाने की जरूरत है जिसमें जनमानस का उद्यमिता की ओर परिवर्तन हो. (नीचे भी पढ़ें)
कार्यक्रम में विषय प्रवेश अमित मिश्रा, स्वागत भाषण अमलेश झा, संचालन पंकज सिंह और धन्यवाद ज्ञापन राजपति देवी ने किया. वर्ग में 24 जिले एवं 11 सहयोगी संगठन के 200 प्रतिनिधि उपस्थित रहे.



