जमशेदपुर : जमशेदपुर में राष्ट्रीय तेली साहू महासंगठन पूर्वी सिंहभूम के जिला अध्यक्ष राकेश साहू के नेतृत्व में प्रतिधिमंडल ने जाति प्रमाण पत्र निर्गत करने की सरल प्रक्रिया अपनाने व उनकी समस्याओं के निराकरण को लेकर उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री ने नाम ज्ञापन सौंपा है. जिला अध्यक्ष का कहना है कि यहां गरीबों का सोशन हो रहा है. तेली समाज राज्य सरकार की ओबीसी/इबीसी सूची में है. पूर्व में परिवार में पहले से निर्गत जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नया प्रमाण पत्र बन जाता था. वर्तमान प्रक्रिया के कारण प्रमाण पत्र बनवाने में भारी कठिनाई हो रही है. पहले परिवार के एक सदस्य का जाति प्रमाण पत्र होने पर अन्य का बन जाता था. अब उसे नहीं माना जा रहा. अधिकांश खतियान डीड में “जाति” अंकित नहीं है. उनका कहना है कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र की विशेष समस्या जमशेदपुर में अधिकांश लोग टाटा स्टील/सरकारी एग्रीमेंट की जमीन पर रहते हैं. इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं जिनके पास अपना खतियान नहीं है और वे किराए के मकान में रहते हैं. (नीचे भी पढ़ें)
खतियान के अभाव में शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्र के ऐसे परिवार जाति प्रमाण पत्र से वंचित हो रहे हैं. उन्हें छात्रवृत्ति, आरक्षण, नौकरी का लाभ नहीं मिल पा रहा. उनकी मांगे है कि पूर्व निर्गत प्रमाण पत्र को आधार माना जाए यदि परिवार में पहले से किसी का जाति प्रमाण पत्र है तो उसी के आधार पर जल्द नए सदस्य का प्रमाण पत्र बने, बिना खतियान वाले परिवारों के लिए अलग नियम बने जिनके पास खतियान नहीं है, उनके लिए आधार समाज की अनुशंसा पत्र ही पर्याप्त हो, यह नियम शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्र के किरायेदारों पर लागू हो, संस्था की अनुशंसा मान्य हो, टाटा स्टील की भूमि पर रहने वाले या रजिस्टर संस्था भारतीय राष्ट्रीय तेली साहू महासंगठन द्वारा अनुशंसा करने पर प्रमाण पत्र निर्गत किया जाए, अन्य सरकारी कागज मान्य हों जिसमें पिता का सर्विस बुक, पेंशन, वोटर लिस्ट, स्कूल सर्टिफिकेट में “तेली” लिखा हो तो उसे साक्ष्य माना जाए व सभी अंचलों में शिविर लगाकर लंबित आवेदन का निष्पादन 15 दिन में किये जाने की मांग की है. जिला अध्यक्ष ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए त्वरित सामाधान करने की मांग की है.




