जमशेदपुर: जमशेदपुर के डिमना स्थित एमजीएम अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है. अस्पताल प्रशासन जल्द ही ग्राउंड फ्लोर पर शिकायत सहायता केंद्र (ग्रिवांस सेल) शुरू करेगा, जहां मरीज अपनी समस्याएं और शिकायतें सीधे दर्ज करा सकेंगे. इस पहल का उद्देश्य अस्पताल की सेवाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और मरीजों के लिए सुविधाजनक बनाना है. अस्पताल अधीक्षक डॉ बलराम झा के निर्देश पर इस केंद्र की तैयारियां अंतिम चरण में हैं. प्रस्तावित व्यवस्था के तहत प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक एक कर्मचारी केंद्र में मौजूद रहेगा, जो मरीजों एवं उनके परिजनों से शिकायतें प्राप्त कर उन्हें तत्काल वरीय अस्पताल प्रबंधकों तक पहुंचाएगा. संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर शिकायतों के शीघ्र निस्तारण की व्यवस्था की जाएगी. वहीं, कार्यालय समय के बाद आने वाली शिकायतों के लिए पूछताछ केंद्र पर तैनात होमगार्ड जवानों की सहायता ली जाएगी, ताकि शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया बाधित न हो. (नीचे भी पढ़ें)
इधर, हाल ही में अस्पताल में योगदान देने वाले वरीय अस्पताल प्रबंधक सोनू कुमार और डॉ नेहा जायसवाल को अब स्थायी कार्य कक्ष उपलब्ध कराया जा रहा है. अब तक दोनों अधिकारी उपाधीक्षक के कक्ष में वित्त प्रबंधक अभिषेक शर्मा के साथ अस्थायी रूप से कार्य कर रहे थे, जिससे प्रशासनिक कार्यों के संचालन में कठिनाई हो रही थी. अधीक्षक के निर्देश पर उन्हें दो कक्षों वाला अलग कार्यालय आवंटित कर दिया गया है. कमरे की साफ-सफाई पूरी कर ली गई है, जबकि फर्नीचर और कंप्यूटर सिस्टम उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. संसाधन उपलब्ध होते ही दोनों अधिकारी नए चैंबर से नियमित रूप से कार्यभार संभालेंगे. गुरुवार को अस्पताल अधीक्षक डॉ बलराम झा की अध्यक्षता में अस्पताल संचालन व्यवस्था की समीक्षा के लिए बैठक भी आयोजित की गई. बैठक में प्रभारी उपाधीक्षक डॉ नारायण उरांव, वरीय अस्पताल प्रबंधक सोनू कुमार, डॉ नेहा जायसवाल, वित्त प्रबंधक अभिषेक शर्मा समेत अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे. बैठक में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने, प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए.




