जमशेदपुर : जमशेदपुर के जुगसलाई थाना क्षेत्र के संकटा सिंह पेट्रोल पंप के पास ट्रैफिक चेकिंग के दौरान एक गर्भवती महिला के साथ पुलिस द्वारा की गयी बदसलूकी का मामला सामने आया है. इस मामले को लेकर अब पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बन रहा है. इसको लेकर कई मंच से दोषी पुलिसवालों पर कार्रवाई की मांग की है. इसको लेकर पोटका विधायक संजीव सरदार ने जमशेदपुर के एसएसपी से मांग की है कि ऐसे पुलिसवाले को दंडित करें जबकि आजसू ने भी इसकी डिमांड की है. इस बीच एक वीडियो आया है, जिसमें पूरी घटना का वृतांत है. (नीचे भी पढ़े)
टाटानगर स्टेशन रोड स्थित संकटा सिंह पेट्रोल पंप के पास ट्रैफिक चेकिंग के दौरान एक गर्भवती महिला से बदसलूकी का मामला सामने आने के बाद इलाके में हंगामा मच गया. स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने इस घटना के विरोध में सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया. नाराज लोगों ने ट्रैफिक पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्टेशन रोड को जाम कर दिया, जिससे पूरे इलाके में भारी जाम लग गया और यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई. सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया और मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराने का प्रयास किया. इस घटना की जानकारी मिलते ही पोटका विधायक संजीव सरदार ने तुरंत डीएसपी ट्रैफिक को दूरभाष पर निर्देश दिया कि दोषी पुलिसकर्मियों पर जल्द से जल्द अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए.(नीचे भी पढ़े)
उन्होंने कहा कि ट्रैफिक पुलिस द्वारा चेकिंग के दौरान किसी भी आम नागरिक, विशेष रूप से महिलाओं, छात्रों, बीमार और बुजुर्गों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए. विधायक ने सवाल उठाया कि जब पहले ही आदेश दिया गया था कि ट्रैफिक चेकिंग सीसीटीवी कैमरे के सामने की जाए, तो जिला ट्रैफिक पुलिस इसका पालन क्यों नहीं कर रही है? उन्होंने इस मामले को एसएसपी और डीजीपी के समक्ष भी उठाने की बात कही और कहा कि ट्रैफिक पुलिस के अमानवीय रवैये को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. विधायक संजीव सरदार ने साफ किया कि जनता की सुरक्षा और सम्मान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि ट्रैफिक चेकिंग के नाम पर अनावश्यक परेशान करने की प्रथा को तुरंत रोका जाए. उन्होंने कहा कि जनता को न्याय दिलाने के लिए वे हर स्तर पर प्रयासरत रहेंगे और जरूरत पड़ने पर बड़े अधिकारियों से मिलकर भी इस व्यवस्था में सुधार की मांग करेंगे. (नीचे भी पढ़े)
दूसरी ओर, जनता दल (यूनाइटेड) पूर्वी सिंहभूम जिला प्रेस प्रवक्ता आकाश शाह ने प्रेस वक्तव्य जारी कर कहा कि बागबेड़ा थाना क्षेत्र में जमशेदपुर यातायात पुलिस द्वारा हेलमेट चेकिंग के दौरान कथित रूप से एक गर्भवती महिला के साथ अमानवीय व्यवहार करने की घटना सामने आई है जो बेहद ही आपत्तिजनक है. पुलिस प्रशासन पर जनता की सुरक्षा की जिम्मेवारी है लेकिन पिछले कुछ दिनों से यातायात पुलिस इसके विपरित ही कार्य कर रही है. इसमे हेलमेट चेकिंग के नाम पर जनता के साथ अपराधियों के जैसा सलूक किया जा रहा है.(नीचे भी पढ़े)

यातायात डीएसपी के उत्त बयान जिसमें उन्होंने सीसीटीवी कैमरा युक्त स्थान पर ही चेकिंग अभियान चलाने की बात कही थी वह भी जमशेदपुर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में लागू होते दिखाई नही दे रही है. इसका दुष्परिणाम है की यातायात अधिकारियों और जनता के बीच चेकिंग के दरमियान टकराव थम नहीं रहा है और आज बागबेड़ा में बेहद ही शर्मशार करने वाली घटना हुई है जिसमें एक गर्भवती महिला को भी हेलमेट चेकिंग के दौरान पुलिस की ज्यादती का शिकार होना पड़ा. श्री शाह ने जमशेदपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक से मांग की है इस घटना की त्वरित जांच करवाकर जो भी दोषी है उनपर विधिसम्मत करवाई करें साथ ही हेलमेट पहन कर वाहन चलाने के लिए जनता के बीच जागरूकता अभियान चलाने की पहल करें.



