
जमशेदपुर : मजदूर नेता राकेश्वर पांडेय के खिलाफ आवाज तेजी से उठ रही है. उनकी अध्यक्षता वाली दो कंंपनियों में हंगामा हो रहा है. टाटा रॉबिंस फ्रेजर लिमिटेड (टीआरएफ) में बोनस व ग्रेड को लेकर 27 वें दिन, बुधवार को भी कर्मचारियों ने कैंटीन बहिष्कार जारी रखा. इसे लेकर प्रबंधन ने कर्मचारियों को चिन्हित करना शुरू किया है. खबर है कि कई विभाग के कर्मचारियों को इधर-उधर किया जा रहा है. एक साथ काफी संख्या में कर्मचारियों का स्थानांतरण किया गया है जिससे आंदोलन को खत्म किया जा सके. जानकारी हो कि कर्मचारियों का ग्रेड 44 माह से लंबित चल रहा है. वहीं आधा से ज्यादा कर्मचारी बोनस से वंचित रह गए हैं. इस मामले को लेकर कर्मचारियों ने उपायुक्त से मिलकर न्याय की गुहार लगाई थी. फिर डीसी के निर्देश पर कर्मचारियों का जत्था उपश्रमायुक्त से मिलकर अपनी बातें रखी थी. उसके बाद श्रम विभाग मामले को लेकर गंभीर हो गया है और अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है. अब उप श्रम आयुक्त अधिकारियों को बुलाकर पूछताछ करने की तैयारी चल रही है. बोनस से वंचित कर्मचारियों से बढ़ा आक्रोश टीआरएफ कर्मचारियों को बोनस एक्ट के मुताबिक 8.33 फीसद बोनस मिला है. इसमें बेसिक-डीए मिलाकर 21 हजार से ज्यादा वेतन पाने वाले कर्मचारी बोनस से वंचित रह गए हैं, इनकी संख्या एक सौ से पार है. उधर कर्मचारियों का ग्रेड भी कई साल से लंबित है. इन दोनों मामले को लेकर कर्मचारियों का आंदोलन शुरू है. दूसरी ओर, टिनप्लेट कंपनी में लंबित ग्रेड रिवीजन समझौता को लेकर कर्मचारियों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है. कर्मचारियों ने ग्रेड रिवीजन समझौता के खिलाफ कैंटीन का बहिष्कार कर दिया है. कर्मचारियों का कहना है कि मैनेजमेंट और यूनियन ठीक तरीके से बातचीत नहीं कर रही है, जिस कारण 19 माह से ग्रेड रिवीजन समझौता लटका हुआ है. इसको देखते हुए कर्मचारियों ने टिनप्लेट कंपनी के सीआरएम गेट पर कैंटीन का बहिष्कार करते हुए बाहर निकल गये और यूनियन के खिलाफ नारेबाजी भी की. इस दौरान लोगों में काफी गुस्सा देखा गया.



