जमशेदपुर: क़ायदे अहले सुन्नत, रईसुल क़लम हज़रत अल्लामा अरशद क़ादरी रहमतुल्लाह अलैह के 25वें तीन दिवसीय सालाना उर्स के अवसर पर धार्मिक श्रद्धा और उत्साह के साथ विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. इसी क्रम में जमशेदपुर के धातकीडीह सेंटर मैदान में एक भव्य अखिल भारतीय नातिया महफ़िल का आयोजन किया गया, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेश से भी प्रसिद्ध नातख्वानों और शायरों ने भाग लिया. इस सालाना उर्स का आयोजन मदरसा फैज़ुल उलूम, जमशेदपुर के मोहतमिम एवं प्रसिद्ध इस्लामी विद्वान डॉ. गुलाम ज़रकानी क़ादरी की सरपरस्ती और अध्यक्षता में किया जा रहा है. महफ़िल में बड़ी संख्या में आशिक़ाने रसूल, उलेमा-ए-किराम, बुद्धिजीवी और गणमान्य लोगों ने शिरकत की तथा हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बारगाह में अपनी अकीदत पेश की. इस अवसर पर झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह ख़ान तथा बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष गुलाम रसूल बलियावी विशेष रूप से उपस्थित रहे। हिदायतुल्लाह ख़ान ने भी बेहद खूबसूरत अंदाज़ में नात-ए-रसूल पेश की, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा. महफ़िल में उस्ताद-ए-शोअरा अयाज़ुर रब अर्शी (बोकारो), हाजी दिलकश रांचवी, हशमत रज़ा साहिल बोकारवी, मुबारक हुसैन मुबारक, हबीबुल्लाह फैज़ी (मधुपुर), ज़मज़म फ़तेहपुरी, दिलबर शाही (कोलकाता), अज़मत रज़ा भागलपुरी, ज़फ़र अकील (हज़ारीबाग), नदीम रज़ा फैज़ी (मधुपुर), नसीम सहर गयावी, अख्तर काशिफ (गिरिडीह), शब्बीर अहसन मनवरी (धनबाद), लियाकत मेहदी (पुरुलिया) और ज़िया-उर-रसूल (औरंगाबाद) सहित अनेक प्रसिद्ध शायरों ने अपने नातिया कलाम पेश किए. पूरी महफ़िल नात-ए-रसूल की रूहानी फिज़ा से सराबोर रही. श्रोताओं ने सभी शायरों के कलाम को पूरे ध्यान और प्रेम के साथ सुना तथा भरपूर दाद दी. (नीचे भी पढ़ें)
वक्ताओं ने कहा कि इस तरह की धार्मिक और आध्यात्मिक महफ़िलें लोगों में पैगंबर-ए-इस्लाम से मोहब्बत को मज़बूत करती हैं और समाज में प्रेम, भाईचारा तथा नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देती हैं. कार्यक्रम के अंत में अल्लामा अरशद क़ादरी रहमतुल्लाह अलैह की धार्मिक, शैक्षणिक और सामाजिक सेवाओं को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा उनके उच्च दर्ज़े के लिए विशेष दुआ की गई. साथ ही देश में अमन, खुशहाली और पूरी उम्मत की भलाई के लिए सामूहिक दुआ भी की गई. इस दौरान झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान ने जमशेदपुर स्थित सुन्नी समुदाय के प्रमुख धर्मगुरु और प्रसिद्ध इस्लामी विद्वान अल्लामा अरशदुल क़ादरी रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह पर पहुंचकर पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ चादरपोशी की. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने फातिहा पढ़ी और मरहूम के बुलंद दर्जे, मुस्लिम समाज की एकता, देश और राज्य में अमन, भाईचारे और खुशहाली के लिए खास दुआ की. हिदायतुल्लाह खान ने कहा कि अल्लामा अरशदुल क़ादरी ने अपना पूरा जीवन इस्लाम की शिक्षा के प्रचार, अहले सुन्नत की सेवा, धार्मिक और बौद्धिक मार्गदर्शन तथा राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए समर्पित कर दिया. उनकी दीनी, इल्मी और अदबी सेवाएं हमेशा याद रखी जाएंगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी. इस अवसर पर उर्स में शामिल उलेमा, आयोजन समिति के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में मौजूद अकीदतमंदों ने अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष का स्वागत किया और उर्स की विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया.




