
जमशेदपुर : जमशेदपुर के मानगो के आजादनगर थाना के बागान शाही रोड नंबर सात में मुर्दा मैदान के रहने वाले 19 वर्षीय युवक अमन खान का शव दुबई से शनिवार को जमशेदपुर पहुंचा. शव दोपहर में दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचा था और वहां से फिर जमशेदपुर लाया गया. अमन खान का शनिवार की देर शाम जाकिर नगर कब्रिस्तान में अंतिम संस्कार कर दिया गया है. दुबई की जिस कंपनी में इलेक्ट्रिकल पैनल गिरने से अमन खान की मौत हुई है, उस कंपनी ने अब तक परिजनों को कोई मुआवजा नहीं दिया है. इससे परिजनों में नाराजगी है. परिजन डीसी ऑफिस में मिलकर विदेश मंत्रालय को संबोधित ज्ञापन सौंपेंगे और मुआवजे की मांग करेंगे. इसके अलावा आजादनगर के जिस मोहम्मद शफीक नामक एजेंट ने अमन खान को दुबई भेजा था. उस पर भी केस करने की बात परिजन कह रहे हैं. परिजनों ने बताया कि अमन खान पिछले साल 9 दिसंबर को दुबई पहुंचा था और 11 दिसंबर को उसने इलेक्ट्रिक कंपनी में जॉइनिंग की थी. बताते हैं जिस दिन अमन के ऊपर इलेक्ट्रिक पैनल गिरा कंपनी में मौजूद सभी अधिकारी घटनास्थल से भाग निकले थे. किसी ने कोई मदद नहीं की. (नीचे देखे पूरी खबर)

अमन खान के पिता मोहम्मद फैजान ऑटो चलाते हैं. अमन अपने घर का इकलौता चिराग था. उसकी तीन बहने हैं. अभी किसी बहन की शादी नहीं हुई. अमन से ही परिजनों को उम्मीद थी. परिजनों ने सोचा था कि अमन वहां से कमा कर भेजेगा तो तीनों बहन की शादी भी हो जाएगी. लेकिन अमन की कमाई से पहले ही घर में उसकी लाश आ गई. यहां शव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया. घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल है. परिजनों का कहना है कि 11 मई को इलेक्ट्रिक कंपनी में इलेक्ट्रिक पैनल गिरने से अमन की मौत हुई थी. उसी दिन फोन के जरिए उनको खबर दे दी गई थी. आजादनगर के ही रहने वाले मोहम्मद शाहिद भी दुबई में रहते हैं. वह बैंक में जॉब करते हैं. मोहम्मद शाहिद ने दौड़-धूप कर अमन का शव किसी तरह जमशेदपुर उसके घर भिजवाया है.






