
जमशेदपुर : झारखंड एटीएस इन दिनों लगातार नक्सलियों की कमर तोड़ने में लगी है. बीते दिनों नक्सली प्रशांत बोस उर्फ किशन दा की गिरफ्तारी फिर सीआरपीएफ जवान द्वारा नक्सलियों को हथियार सप्लाई करने के मामले में पकड़ा गया था. एक बार फिर से झारखंड एटीएस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. एटीएस ने देश के अन्य राज्यों में छापेमारी कर बीएसएफ के रिटायर्ड जवान समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. गिफ्तार किए गए आरोपियों में बीएसएफ का जवान अरुण कुमार सिंह, बीएसएफ का एक और जवान कार्तिक बेहरा, शिवलाल, गुरलाल और हीरालाल शामिल है. एटीएस ने इनकी निशानदेही में 14 पिस्टल, 21 मैग्जीन और 9,213 राउंड गोली, खाली खोखा, डेटोनेटर, बाइक और मोबाइल बरामद किया गया है. (नीचे देखे पूरी खबर)

इन सभी अपराधियों की गिरफ्तारी महाराष्ट्र और पंजाब से हुई है. आईजी अभियान अमोल होमकर और एटीएस एसपी प्रशांत आनंद ने मामले का खुलासा करने हुए बताया कि बीते दिनों गिरफ्तार सीआरपीएफ के जवान अविनाश कुमार को नक्सलियों को हथियार तस्करी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. पूछताछ में उसने कई खुलासे किए. अविनाश की ही निशानदेही में कार्तिक बेहरा को गिरफ्तार किया गया. कार्तिक बेहरा ने मामले का खुलासा किया. कार्तिक ही अन्य जवानों को इस काम से जुड़ने के लिए प्रेरित करता था. कम समय में ज्यादा रुपये कमाने की लालच में जवान इससे जुड़ रहे थे. इसी क्रम में बीएसएफ से वीआरएस ले चुके अरुण कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया. (नीचे देखे पूरी खबर)

पूछताछ में इनके द्वारा बताया गया है कि इनके द्वारा सेना के अन्य जवानों की मदद से देश भर में हथियारों की सप्लाई की जा रही थी. ये लोग उग्रवादियों और नक्सलियों के अलावा अन्य लोगों को भी हथियार की सप्लाई किया करते थे. बीएसएफ और सीआरपीएफ के जवानों के द्वारा हथियार उग्रवादियों और बड़े अपराधिक संगठनों को दिया जाता था. झारखंड के कई उग्रवादी और अपराधी उनसे हथियार ले चुके हैं. इसमें इंसास राइफल एके-47 और डेटोनेटर भी शामिल है. एटीएस की गिरफ्त में आए इन पांचों अपराधियों के निशानदेही पर कई और राज्यों में छापेमारी चल रही है. एटीएस का दावा है कि इस मामले में अभी और हथियार सप्लायर ओ की गिरफ्तारी होगी और भारी मात्रा में हथियार और गोली मिलने की संभावना है. वहीं इस मामले में एटीएस ने चिंता व्यक्त की है कि जवानों द्वारा हथियार सप्लाई करने का मामला काफी गंभीर है. अपराधियों के साथ-साथ घाट रखकर हथियार का कारोबार करने में कुछ और जवानों का नाम सामने आ रहा है. एटीएस और पुलिस के द्वारा इसका सत्यापन किया जा रहा है.






