
रांची: झारखंड सरकार की नियोजन नीति के तहत अधिसूचित जिलों में हुई शिक्षकों की नियुक्ति के मामले में दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 4 नवंबर को तिथि निर्धारित थी. लेकिन अपरिहार्य कारणों से अब इस मामले पर 5 नवंबर को सुनवाई होगी. इस मामले में प्रतिवादी सोनी कुमारी के अधिवक्ता ललित कुमार ने कहा कि पिछली बार हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार से जवाब मांगा था और प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए मामले की सुनवाई 4 नवंबर को निर्धारित की थी. लेकिन किन्हीं कारणों से अब यह मामला पांच नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है. विदित हो कि झारखंड हाईकोर्ट की वृहद पीठ ने राज्य सरकार की नियोजन नीति को असंवैधानिक घोषित कर दिया. साथ ही इसके तहत 13 जिलों में हुए हाई स्कूल शिक्षकों की नियुक्ति को भी रद कर दिया था. इसके खिलाफ शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की. सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत देते हुए राज्य सरकार को शिक्षकों को नहीं हटाने का आदेश दिया है. अब देखना होगा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का अगला आदेश क्या है. साथ ही झारखंड राज्य की नियोजन नीति पर भी स्थिति साफ हो जाएगी.






