
जमशेदपुर : झारखंड की राजनीति में चाणक्य माने जाने वाले जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने झामुमो के सारे विधायकों के साथ अहम बैठक की. यह बैठक वैसे तो अनौपचारिक थी, लेकिन जमशेदपुर संसदीय सीट के छह में से पांच विधायक को सरयू राय के जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित आवास में यह बैठक हुई. सुबह नाश्ता और चाय के साथ यह बैठक हुई, जिसमें जुगसलाई विधानसभा क्षेत्र के विधायक मंगल कालिंदी, पोटका के विधायक संजीव सरदार, बहरागोड़ा के विधायक समीर मोहंती और घाटशिला के विधायक रामदास सोरेन मौजूद थे. आपको बता दें कि जमशेदपुर संसदीय सीट में कुल छह विधानसभा क्षेत्र है, जिसमें से चार पर झामुमो चुनाव जीती है, जिसमें बहरागोड़ा, जुगसलाई, पोटका और घाटशिला शामिल है जबकि जमशेदपुर पूर्वी से भारतीय जनता मोर्चा बनाने वाले सरयू राय ने पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास को चुनाव में हराकर जीते थे जबकि एक विधायक कांग्रेस के बन्ना गुप्ता है, जो जमशेदपुर पश्चिम से विधायक भी है और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री भी है.

सरयू राय ने यह बैठक अनौपचारिक तौर पर बुलायी थी, लेकिन जमशेदपुर की व्यवस्था पर पांचों विधायकों ने चर्चा की. इस दौरान सबसे ज्यादा चिंता स्वास्थ्य के मसले पर उठा, जिसमें यह तय हुआ कि वे लोग एमजीएम अस्पताल की व्यवस्था को सुधारने की मांग को लेकर बहुत जल्द पांचों विधायक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात करेंगे. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से हर हाल में एमजीएम अस्पताल को सुधारने की मांग करेंगे जबकि टीएमएच की सुविधाओं को भी दुरुस्त करने को लेकर भी वे लोग सरकार के स्तर पर दबाव बनायेंगे. इसके अलावा यह भी तय किया गया कि वे लोग अब हर माह में एक दिन जरूर आपस में बातचीत करेंगे और बैठक कर शहर की व्यवस्था पर गंभीरता से चर्चा होगी. इंडस्ट्रियल टाउन और नगर निगम से अलग वाले इलाकों का कैसे विकास हो सकेगा, इसको लेकर भी विचार हुआ और सारे मसले पर सीधे मुख्यमंत्री से बातचीत कर रास्ता निकाला जायेगा. इस बैठक के बारे में सरयू राय ने कहा कि यह अनौपचारिक बातचीत थी और चाय पर जमशेदपुर के संसदीय क्षेत्र के समेकित विकास पर ही बातचीत हुई है. जहां भी विधायकों को काम में दिक्कत आयेगी, किस तरह से इस मसले को उठाना है, इस पर भी विस्तार से चर्चा किया गया.

सरयू राय की यह बैठक कई मायने में काफी महत्वपूर्ण साबित हो रहा है क्योंकि हाल में ही इंडस्ट्रियल टाउन और नगर निगम को लेकर चर्चा शुरू हुई है जबकि विधायकों की बातें तक कारपोरेट घराने नहीं सुन रहे है. यहीं वजह है कि यह चर्चित मीटिंग हुई, जिसमें झामुमो के चार विधायक और खुद कद्दावर विधायक और पूर्व मंत्री सरयू राय शामिल हुए. प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों पर किस तरह से नकेल कसकर सारी व्यवस्था को दुरुस्त करना है, किस तरह से गरीबों और जरूरतमंदों को अनाज पहुंचाना है, इस पर भी संयुक्त रुप से रणनीति तय की गयी और तय हुआ है कि इसको राज्य स्तर पर उठाया जायेगा.






