जमशेदपुर : झारखंड समेत अन्य राज्यों के कोयला खदानों की नीलामी केंद्र की मोदी सरकार द्वारा कराये जाने के खिलाफ झारखंड की हेमंत सोरेन की सरकार सुप्रीम कोर्ट चली गयी है. इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक तापमान गरम है. शनिवार को जमशेदपुर के भाजपा सांसद विद्युत वरण महतो ने संवाददाता सम्मेलन कर झारखंड के हेमंत सोरेन की सरकार पर हमला बोल दिया. सांसद विद्युत वरण महतो ने भाजपा के जमशेदेपुर महानगर अध्यक्ष दिनेश कुमार और महासचिव अनिल मोदी समेत अन्य सारे नेताओं के साथ संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर कहा कि राज्य की हेमंत सोरेन की सरकार के लोगों को मालूम नहीं है कि केंद्र सरकार अगर कोयला ब्लॉक की नीलामी करेगी तो उससे काफी ज्यादा लाभ ही होगा.

झारखंड का इससे लाभ होगा. इससे केंद्र सरकार को कोई बड़ा लाभ नहीं होने जा रहा है बल्कि राज्य को ही इससे लाभ होने जा रहा है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सिर्फ इसकी काली कमाई को रोकने के लिए इ-नीलामी की प्रक्रिया अपनायी है, जिससे राज्य सरकार को काफी लाभ पहले भी हुआ है और आगे भी होगा. पहले इसको लेकर काफी आपराधिक घटनाएं होती थी तो ऑक्शन पाने के लिए खून खराबा तक होता था. इसके जरिये अवैध कमाई भी की जाती थी. इस तरह के अवैध धंधे और कोयला घोटालों को रोकने के लिए यह कार्रवाई की गयी है. कोयला घोटाला करने के लिए ही राज्य सरकार परेशान है और चाहती है कि उसमें उनकी बड़ी हिस्सेदारी मिले और हेमंत सोरेन की सरकार लूटपाट के लिए बेवजह कोयला की नीलामी को लेकर राजनीति कर रही है.




